पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ल को मिली राज्यसभा की एथिक्स कमेटी के चेयरमैन की जिम्मेदारी

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गोरखपुर, 31 जुलाई। राज्यसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक शिव प्रताप शुक्ल को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली है। राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू ने उन्हें राज्यसभा की एथिक्स कमेटी का चेयरमैन बनाया है। यह कमेटी सांसदों के सदन के अंदर या बाहर के किसी भी प्रकार के आचार-व्यवहार की शिकायत की जांच करती है। राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ल को विगत 21 जुलाई को ही भाजपा ने राज्यसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया था। उन्हें राज्यसभा में एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली है। एथिक्स कमेटी में चेयरमैन के अलावा दस सदस्य होते हैं। इनमें कांग्रेस के आनंद शर्मा, सपा के राम गोपाल यादव, एआईएडीएमके के नवनीत कृष्णन, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, जेडीयू के रामचन्द्र प्रसाद सिंह, बीजेडी के प्रसन्ना आचार्य और टीआरएस के केशव राव आदि सदस्य हैं।

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शिवप्रताप शुक्ल के राजनीतिक सफर की शुरुआत 1970 में हुई थी। शुरुआती दौर में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे। इमरजेंसी घोषित होने के बाद मीसा के तहत गिरफ्तार होने वाले वह प्रदेश के पहले व्यक्ति थे। 2012 में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बने। गोरखपुर नगर से 1989 में कांग्रेस के सुनील शास्त्री को हराकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे। 1989, 1991, 1993 और 1996 में लगातार गोरखपुर से विधायक चुने गये। तीन बार प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री का ओहदा भी हासिल हुआ था।

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