यहां नजर आए रंग बदलने वाले खूबसूरत पीले मेंढक, जानिए इनका रहस्य

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नई दिल्ली: यह दुनिया रहस्यों से भरी है और यहां हर दिन कुछ ऐसा नजर आ जाता है, जो हमें अचंभित कर देता है. बात करें कीड़े-मकौड़ों या जानवरों की दुनिया की तो भई, यह भी अजीबोगरीब रहस्यों से भरी हुई है. हाल ही में मध्य प्रदेश में एक ऐसा ही वाकया हुआ था, जिसकी चर्चा जोरों से हो रही है.

मानसून में पीले मेंढक
क्या आपने कभी चमकदार पीले रंग के मेंढक देखे हैं? मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से 20 किमी की दूरी पर आमगांव नामक एक गांव है. मानसून में वहां चमकदार Yellow Frog उछल-कूद करते हुए नजर आए थे. मेंढकों के इस रंग और हरकत ने गांव वालों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और देखते ही देखते इन मेंढकों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. इस गांव में कुछ दिन पहले काफी जोरदार बारिश हुई थी, जिसके बाद मेंढकों का यह झुंड सामने आया था. गांव वाले हैरान हैं क्योंकि ऐसे मेंढक उन्होंने पहली बार देखे हैं.

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मेंढकी को अट्रैक्ट करने की कोशिश
वन विभाग में अफसर परवीन कासवान ने यह वीडियो अपने Social Media Account पर Share किया है. वे अक्सर इस तरह की फोटोज और वीडियोज Share करते रहते हैं, जो लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन जाती हैं. वीडियो के साथ ही कैप्शन में परवीन ने स्पष्ट किया है कि मानसून सीजन में मादा मेंढकी को लुभाने के लिए मेंढक अक्सर अपना रंग-रूप बदल लेते हैं. यह उनकी ब्रीडिंग का समय होता है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो बहुत तेजी से Viral हो रहा है और अब तक 198.3 K लोग इसे देख चुके हैं. आप खुद भी पीले चमकीले मेंढकों की यह मस्ती देखकर हैरान रह जाएंगे.

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Bullfrog के तौर पर मशहूर
ये मेंढक आमतौर पर महाराष्ट्र में ही नजर आते थे. ऐसा पहली बार है कि इन्हें मध्य प्रदेश में भी देखा गया. मेंढकों की इस प्रजाति को इंडियन बुलफ्रॉग के नाम से जाना जाता है. वैसे तो इन्हें झुंड में रहना पसद नहीं है और समुद्री इलाकों के आस-पास ही पाए जाते हैं, मगर बीते कुछ सालों से इन्हें आबादी वाले क्षेत्रों में भी देखा जा रहा है. जीव विज्ञानी इंडियन बुलफ्रॉग की इस प्रजाति को ‘Hoplobratrachus tigerinus’ कहते हैं. इस प्रजाति के मेंढक भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, म्यांमार, अफगानिस्तान और श्रीलंका में भी पाए जाते हैं. ये आमतौर पर भूरे रंग से लेकर Olive Green Color तक में होते हैं, लेकिन मेटिंग के दौरान ये पीले रंग के नजर आते हैं.

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इस प्रजाति के मेंढक जहरीले नहीं होते हैं. ये सिर्फ मेटिंग के लिए इकट्ठा होते हैं. फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करने के लिए खेतों के आस-पास इनकी मौजूदगी काफी फायदेमंद बताई जाती है.

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