कोरोना कहर के बीच सुपरफूड भारतीय कटहल की पूरी दुनिया में मची धूम

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एक सुपरफूड, जो शाकाहार होने के बावजूद भी मांसाहार लगता है. या यूं कहें कि शाकाहारियों के लिए इसे मांस के विकल्प के रूप में भी देखा जाता है. जो कच्चा हो तो सब्जी की तरह खाया जाता है और पक जाने पर फल की तरह. जी हां, 2020 का ये सुपरफूड कोई और नहीं बल्कि भारतीय कटहल है, जिसे jackfruit भी कहा जाता है. भारत के इस देसी फल कटहल को अब दुनिया भर में खूब पसंद किया जा रहा है. कटहल को अब एक नया superfood कहा जा रहा है. विदेशियों को तो जैसे किसी खजाने की चाबी मिल गई हो.

असल में कटहल को मीट का विकल्प माना जाता है. कटहल की बनावट ही उसके बिकने का सबसे बड़ा कारण है. कहा जाता है कि कटहल जब कच्चा होता है तो उसका स्वाद पोर्क की तरह होता है और वो लोग जिन्होंने मांसाहार छोड़कर शाकाहार अपनाया है, उन्हें इसका स्वाद काफी जाना पहचाना सा लगता है. पूरी दुनिया के रेस्त्रां इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं.

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विदेशी रेस्त्रा में कटहल के कोफ्ते, कटलेट, टाकोस आदि बहुत पसंद किए जाते हैं. इतना ही नहीं वहां तो कटहल को तरह तरह से खाया जा रहा है. कोई तो कच्चा ही खाता है, तो कोई पका हुआ. मेन्यू में जैकफ्रूट केक, जैकफ्रूट जूस, जैकफ्रूट आइसक्रीम भी शामिल हैं.

माना जाता है कि 30 ग्राम कटहल में 3 सेब जितनी शक्ति होती है. 100 ग्राम कटहल शरीर को 95 कैलरी देता है. कटहल में भरपूर फाइबर होते हैं. कटहल में Vitamin-A और फ्लेवोनोइड्स होते हैं, जो कैंसर से बचाने में कारगर है. कटहल एंटीऑक्सिडेंट Vitamin-C का बेहतरीन स्रोत है. विटामिन-सी से भरपूर होने के कारण ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.

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यह ऐसे दुर्लभ फलों में से एक है जो बी-कॉम्प्लेक्स समूह के विटामिन का स्रोत है. इसमें Vitamin-B-6(पाइरिडोक्सिन), नियासिन, राइबोफ्लेविन और फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं. इसके अलावा, कटहल पोटेशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज और लोहे का एक अच्छा स्रोत है. पोटेशियम शरीर की हृदय गति और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है.

शाकाहार की तरफ रुख कर रहे लोग कटहल का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं. कोरोना वायरस की वजह से लोग मांस से दूरी बना रहे हैं. वो मीट, चिकन आदि खने के बजाए कटहल खाना पसंद कर रहे हैं. ये सिर्फ विदोशों में ही नहीं भारत में भी हो रहा है. कटहल की बढ़ती मांग से भारतीय किसान भी काफी खुश हैं. हर रोज दुनिया भर से फोन आते हैं जिनमें कटहल को लेकर जानकारी मांगी जाती है, और ऑर्डर दिए जाते हैं.

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भारत कटहल का सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसे अब पूरी दुनिया में पहचान मिल रही है. लेकिन इसने वो दौर भी देखा है जब इसे इतना पसंद नहीं किया जाता था. यहां तक कि आज भी लोग कठहल सिर्फ इसलिए नहीं खाते क्योंकि ये मांसाहार का विकल्प है. हालांकि कटहल पसंद करने वाले शाकाहारी लोग मानते हैं कि पके कटहल का स्वाद केले और अनन्नास जैसा होता है. समय बदल चुका है और कटहल को लेकर लोगों की सोच भी. अब 2020 में कटहल एक सुपरफूड है.

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