सवा करोड़ की डील कर आईएएस को मनचाहे पद पर पोस्टिंग दिलाने वाला व्यक्ति हुआ गिरफ्तार

20
loading...

लखनऊ 23 मई। एक आईएएस अधिकारी को कानपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाने के लिये सवा करोड़ रुपये की डील करने के आरोपी पीयूष अग्रवाल को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। आईएएस के रिश्तेदार और पीयूष अग्रवाल के साथ एक और व्यक्ति मध्यस्थता कर ये सौदा किए थे। इसका ऑडियो वायरल होने पर शासन ने इस पूरे प्रकरण की जांच एसटीएफ को 15 मई को सौंपी थी। एसटीएफ ने सुबूत जुटाने के बाद गाजियाबाद के रहने वाले पीयूष अग्रवाल को अपने कार्यालय में बयान देने के लिये बुलाया था। जांच में उसके खिलाफ तथ्य मिलने पर विभूतिखंड थाने में एफआईआर दर्ज कराने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एफआईआर में आईएएस का रिश्तेदार बताने वाले गौरी शंकर दीक्षित व कमलेश को भी नामजद किया गया है। पीयूष के पास एक सरकारी न्यूज चैनल के पत्रकार का फर्जी परिचय पत्र भी मिला है। उधर शुक्रवार को गुपचुप तरीके से आरोपी पीयूष को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अन्य दोनों की तलाश की जा रही है।

इसे भी पढ़िए :  बारहसिंगा का शिकार करने की चाह में खुद ही बना एक आदमी ...... देखें वीडियो 

एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर शिवनेत्र सिंह की एफआईआर के मुताबिक गाजियाबाद के राजनगर विस्तार स्थित सृष्टि अपार्टमेंट निवासी पीयूष अग्रवाल ने लखनऊ में रहने वाले गौरी शंकर दीक्षित से एक आईएएस अधिकारी को मनचाही पोस्टिंग दिलाने के लिये सवा करोड़ रुपये में बात तय की थी। गौरी शंकर खुद को आईएएस का रिश्तेदार बता कर पीयूष से मिला था। गौरीशंकर ने ही पीयूष को कई बार लखनऊ बुलाया था और उसे विभूतिखंड में होटल सिलवर सेवन में रुकवाया था। यहीं पर लखनऊ के ही रहने वाले कमलेश को भी बुलाया गया था। कमलेश कुछ साल से गौरी शंकर के साथ साझे में काम करता था। एसटीएफ के मुताबिक आरोपी ने बताया कि 15 फरवरी को इसी होटल में आईएएस से 15 लाख रुपये लाकर उसे दिये गए थे। इसी समय गौरीशंकर व कमलेश ने अपने हिस्से के दो-दो लाख रुपये ले लिये थे। बाकी 11 लाख रुपये लेकर वह गाजियाबाद लौट गया था।

इसे भी पढ़िए :  Ranjeet ने बेटी के साथ 'महबूबा' गाने पर लगाए ऐसे ठुमके, वायरल हो गया VIDEO

पीयूष ने एसटीएफ को बताया कि लॉक डाउन होने की वजह से वह काम नहीं करा सका। यह बात उसने बतायी। आडियो में तो वह अपनी पहुंच सीएम कार्यालय तक भी बता रहा है। वह लगातार यह कहता रहा था कि काम हो जायेगा, बस कुछ दिन रुक जाओ। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश और प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह के सामने पीयूष अग्रवाल ने कई और खुलासे किये। उसने यह भी कुबूला कि काम में देरी की वजह से गौरीशंकर रुपये वापस करने का दबाव बनाने लगा। रुपये वापस न करने पर ही गौरीशंकर ने पीयूष व कमलेश के बीच बातचीत का ऑडियो एक सोशल मीडिया पर चलने वाले चैनल की मदद से वायरल करा दिया। इसके बाद ही मामले ने तूल पकड़ लिया और इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी गई थी।

इसे भी पढ़िए :  मंडी सचिव को थप्पर मारना पड़ा भारी, बीजेपी नेता Sonali Phogat पर एफआईआर दर्ज

एसटीएफ ने एफआईआर में लिखाया है कि पीयूष के मुताबिक गौरीशंकर धोखाधड़ी कर लोगों को अपने जाल में फंसा कर रकम ऐंठता रहता है। ऐसे मामले में वह जेल भी जा चुका है। इस डील के बीच में भी वह धोखाधड़ी के एक मामले में जेल गया था। पीयूष व कमलेश ने उसकी जमानत कराने के लिये करीब दो लाख रुपये भी खर्च किये थे। एसटीएफ इस बात की पड़ताल कर रही है। एसटीएफ का कहना है कि कमलेश व गौरीशंकर दीक्षित की भी गिरफ्तारी की जायेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

5 × one =