सुप्रीम कोर्ट ने नेवी में महिला अफसरों को भी स्थाई कमीशन देने का दिया आदेश 

3
loading...

नई दिल्ली 17 मार्च। Supreme Court भारतीय सेना के बाद भारतीय नौसेना में महिला अफसरों को स्थाई कमीशन देने का आदेश दिया है. Supreme Court ने केंद्र को तीन महीने में महिला अफसरों को स्थायी कमीशन देने के लिए कहा है. बता दें, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हालही फैसला सुनाते हुए सेना में महिलाओं को स्थाई कमीशन देने का आदेश दिया था. नेवी में महिलाओं को स्थाई कमीशन पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि एक बार महिला अधिकारियों के प्रवेश की अनुमति देने के लिए वैधानिक रोक हटा ली गई थी, तब पुरुष और महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने में समान रूप से व्यवहार किया जाना चाहिए.

इसे भी पढ़िए :  दिल्‍ली सरकार खिलाएगी रोज 4 लाख लोगों को खाना

Supreme Court ने कहा कि महिलाओं पर लैंगिक आधार पर रोक नहीं लगाई जा सकती. SC ने स्थायी कमीशन देने में महिला अधिकारियों की शारीरिक सीमाओं का हवाला देते हुए केंद्र की याचिका को खारिज कर दिया. इसे लैंगिक रूढ़ियों का मामला बताया है. SC का कहना है कि महिलाएं पुरुष अधिकारियों के समान दक्षता के साथ sail कर सकती हैं और कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए.

इसे भी पढ़िए :  कल से फिर शुरू होगा प्रसिद्ध सीरियल 'रामायण' का प्रसारण

बताते चले कि फरवरी महीने में भारतीय सेना में महिला अधिकारों को लेकर Supreme Court ने बड़ा फैसला सुनाया था. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि मानसिकता बदली होगी. कोर्ट ने कहा कि खा सेना में महिला अधिकारियों की नियुक्ति एक विकासवादी प्रक्रिया है. Supreme Court ने हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए महिला अधिकारियों को सेना में स्थायी कमीशन पर मुहर लगा दी.

इसके साथ ही Supreme Court ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी. Supreme Court ने कहा था कि HC के फैसले पर रोक नहीं लगाई गई, फिर भी केंद्र ने हाईकोर्ट के फैसले को लागू नहीं किया. हाईकोर्ट के फैसले पर कार्रवाई करने का कोई कारण या औचित्य नहीं है. कोर्ट के 9 साल के फैसले के बाद केंद्र 10 धाराओं के लिए नई नीति लेकर आया.

इसे भी पढ़िए :  आस्ट्रेलिया में होने वाला T20 World Cup को लेकर ICC ने क्या कहा,जानिए

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

nineteen − eight =