खाली खड़ी रेलगाड़ियां बन सकती हैं कोरोना से लड़ने का नया हथियार

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नई दिल्ली 26 मार्च। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए केंद्र सरकार की सभी विभाग कुछ न कुछ योजनाएं सामने लेकर आ रही हैं। ऐसे में अब खबर है कि भारतीय रेल कोरोना वायरस संक्रमितों को आइसोलेशन में रखने के लिए यात्री डिब्बों और केबिन को देने पर विचार कर रहा है। ध्यान रहे कि भारतीय रेलवे रोजाना 13,523 यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन करता है, लेकिन कोरोना वायरस के चलते सभी यात्री सेवाएं 14 अप्रैल रद्द है। ऐसे में इनका इस्तेमाल आइसोलेशन वॉर्ड के रूप में किया जा सकता है।

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सूत्रों के मुताबिक खाली डिब्बों और केबिन को कोरोना वायरस के मरीजों के लिए इस्तेमाल करने के मुद्दे पर रेल मंत्री पीयूष गोयल एवं रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव की सभी जोन्स के महाप्रबंधकों और डिविजन रेलवे के प्रबंधकों के साथ गत दिवस बात हुई थी। बैठक में शौचालय युक्त डिब्बों को आइसोलशन वॉर्ड के तौर पर इस्तेमाल के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बताया गया है कि यह विचार मंत्रिमंडल की बैठक में पीएम मोदी द्वारा यह कहे जाने के बाद आया है।

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चलते फिरते अस्पताल के रूप में हो सकता है इस्तेमाल

पीएम मोदी ने गत दिवस कैबिनेट की बैठक में कोरोना वायरस की वजह से चिकित्सा सुविधाओं के लिए इनोवेटिव उपायों पर काम करने को कहा था। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बताया है कि इन डिब्बों और केबिन का इस्तेमाल चलते फिरते अस्पताल के रूप में किया जा सकता है, जिसमें परामर्श कक्ष, मेडिकल स्टोर, ICU और रसोईयान की सुविधा होगी। रेलवे के इन डिब्बों को उन इलाकों में भेजा जा सकता है, जिन इलाकों में कोरोना का ज्यादा प्रकोप हो और जहां मेडिकल सुविधा ज्यादा नही हैं। ऐसे में रेलवे का विस्तृत नेटवर्क काम आ सकता है।

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