Corona virus: पहले से बीमारी की गिरफ्त में मौजूद लोगों को बरतनी होगी अधिक सावधानी

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चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस कई देशों में यह महामारी में तब्दील हो गया है। तमाम जगह लॉकडाउन की स्थिति है। वहीं, 30 जनवरी से वायरस ने देश में दस्तक दी। एक केस से शुरू होकर अब तक तीन सौ केस का आंकड़ा पहुंच चुका है। हालांकि, सरकार की सक्रियता से अभी वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हो सका है। मगर, खतरा बना हुआ है। ऐसे में सभी को अलर्ट रहना होगा। खासकर, बुजुर्ग-बच्चे और पहले से बीमारी की गिरफ्त में मौजूद लोगों को अधिक सतर्कता बरतनी होगी।

केजीएयमू के पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश के मुताबिक कोरोना कोविड-19 के दुनियाभर में पौने तीन लाख केस हो गए हैं। इस दौरान स्टडी में वायरस का प्रसार भयावह आया है। यानी एक मरीज से दूसरे व्यक्ति में वायरस तेजी से फैलता है। मगर, राहत भरी बात यह है कि इस वायरस की वजह से मृत्यु दर कोरोना प्रजाति के अन्य वायरस की अपेक्षा काफी कम है। यही नहीं, कोरोना कोविड-19 की चपेट में आए स्वस्थ व्यक्ति जल्द वायरस से छुटकारा पाने में भी कामयाबी हासिल कर रहे हैं। वहीं, यह वायरस सबसे अधिक जानलेवा पहले से बीमारी की गिरफ्त रहे लोगों के लिए है। कारण, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से रिसर्च में कोरोना से मरने वालों में 99 फीसद मरीज पहले से हृदय रोग, शुगर, सांस की बीमारी और कैंसर से पीड़ित थे।

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एक फीसद के करीब स्वस्थ व्यक्ति की मौत: डॉ. वेद प्रकाश के मुताबिक कोरोना से पीड़ित मरीजों में जो पहले शारीरिक रूप से स्वस्थ थे, उनमें कुल मौतों में से 0.9 फीसद की मौत हुई। इसके अलावा कोरोना से हुई मौतों में सबसे अधिक 10.5 फीसद हृदय रोगी रहे। वहीं, शुगर के रोगी 7.3 फीसद, सांस के रोगी 6.3 फीसद, हाइपरटेंशन के 6 फीसद, कैंसर के 5.6 फीसद रोगी मौत का शिकार हुए।
डॉक्टरों की सलाह, बुजुर्गो और बच्चों का रखें खास ख्याल, स्वस्थ व्यक्ति घबराएं नहीं-सतर्क रहें

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कैसे-किनकी होगी जांच
कोरोना की जांच के लिए डायरेक्ट केजीएमयू न जाएं
बेवजह दौड़कर जाने से वायरस का प्रसार बढ़ाएंगे
यात्री में संदिग्ध लक्षण होने पर उसे एयरपोर्ट से ही आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया जाएगा
अस्पताल से ही हेल्थ टीम स्वैब कलेक्शन कर जांच के लिए स्पेशल किट से सैंपल केजीएमयू भेजेगी
आइसोलेट होकर सीएमओ कंट्रोल रूम में कॉल करें, हेल्थ टीम चेकअप कर स्वैब कलेक्शन कर जांच के लिए भेजेगी
केजीएमयू में भर्ती मरीज का वार्ड से सैंपल कलेक्ट कर डबल लेयर पैकेजिंग में लैब भेजा जाता है
स्वैब कलेक्शन खास तरीके की ट्यूब वीटीएम में होता है

इन नंबरों पर करें संपर्क
कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए कोविड-19 कंट्रोल रूम में फोन करें। इसके नंबर 0522- 2230688, 2230955, 2230691 व 2230333 हैं।
समस्या होने पर प्रदेश सरकार के हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
समस्या का निराकरण न होने पर केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर 91-11-23978046 पर भी फोन कर सकते हैं।

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वायरस को जे-शेप में जाने से रोकें
डॉ. वेद प्रकाश के मुताबिक, कोरोना (कोविड-19) के विश्वव्यापी आकलन में इसका विस्तार जे-शेप कर्व में पाया। इसके पहला चरण का प्रसार सीमित होता है। यह ’जे’ के ऊपरी छोटी लाइन बेस्ड स्थिति होती है। इसके बाद सेकेंड-थर्ड फेज में तेजी से वायरस फैलता है। इसकी तुलना ’जे’ की सीधी लंबी वाली लाइन से की जाती है। यही टाइम लाइन खतरनाक है। वहीं, ’जे’ की कर्व लाइन महामारी है। ऐसे में सेकेंड फेज को बढ़ने से रोकना होगा। तीसरे फेज में पहुंचने पर वायरस पर नियंत्रण करना बहुत मुश्किल होगा।

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