देशभर में साधु संताओं के रहने और भोजन की भी हो व्यवस्था

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कोरोना को लेकर जारी लाॅकडाउन के दौरान हर व्यक्ति की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंदों को सरकार द्वारा स्वयं उनके खातों में पैसा डाला जा रहा है तो तीन महीनों तक मुफ्त राशन और महिलाओं को रसोई गैस देने के इंतजाम भी किये जा रहे है। कुल मिलाकर प्रदेश की सरकारे व समाजसेवी धार्मिक संगठनों आदि के सहयोग से सबका ख्याल रखने की कोशिश कर रही है। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह साहब केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों व जिम्मेदार लोगों को इस कठिन स्थिति में इस व्यवस्था के लिए धन्यवाद देते हुए मेरा एक सुझाव है कि देश में लाखों की तादाद में साधु व संत मौजूद है जिनका आमदनी का कोई जरिया तो होता नहीं कुछ बड़े मठ मंदिरों से जुड़े संतों को छोड़ दे तो 90 प्रतिशत का भरण पोषण जनता के सहयोग से होता है। और ऐसे समय में उनका तालमेल आपस में हो पाना असंभव नहीं तो संभव भी नहीं लगता है इसलिए मेरा मानना है कि या तो सरकारे हर जिले में जिला प्रशासन या धार्मिक संगठनों के माध्यम से इनके लिए भंडारे चलवाये या जहां यह लोग रहते है गांव हो या देहात गली हो या मौहल्ला सबके लिए खाना पहुंचाने की व्यवस्था हो अथवा क्षेत्र के बड़े मंदिर या मठ संचालकों के साथ ही जहां-जहां यह निवास कर रहे है उनके आसपास के नागरिकों को यह छूट दी जाए कि वो दोनों समय खाना बनाकर उन तक पहुंचाऐं और इनके रहने के लिए जरूरी हो तो मंदिर और धर्मशाला खुलवाई जाए। क्योंकि ज्यादातर घूंमतू होते और ये वर्तमान एक से दूसरी जगह जा नहीं सकते।

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(filephoto)

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