संपत्तियों की रजिस्ट्री पर नई दर प्रभावी, अब सभी को देना होगा समान पंजीयन शुल्क

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लखनऊ 14 फरवरी। संपत्तियों के रजिस्ट्री डीड पर लगने वाले Registration fee के दर को एक समान करते हुए सरकार ने अमीर और गरीब का भेद खत्म कर दिया है। अब सभी लोगों को एक समान Registration fee देना होगा। सभी लोगों को रजिस्ट्री डीड पर अब एक प्रतिशत Registration fee देना होगा। मौजूदा समय में यह शुल्क दो प्रतिशत या अधिकतम 20 हजार लिया जा रहा था।
इससे आम लोगों पर जहां अधिक भार पड़ रहा था, वहीं अमीर लोगों को राहत मिल रही थी। इस विषमता को समाप्त करने के लिए ही सरकार ने Registration fee को एक समान कर दिया है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने इस संबंध में गत दिवस शासनादेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश भर में Registration fee की नई दर प्रभावी हो गई है।

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कैबिनेट ने बीते 5 फरवरी को इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसी कड़ी में प्रमुख सचिव वीना कुमारी ने शासनादेश जारी किया है।‘रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908’ में शामिल रजिस्ट्रीकरण फीस सारणी को संशोधित करते हुए सरकार ने वर्तमान में संपत्ति की कीमत का दो प्रतिशत व अधिकतम 20 हजार रुपये Registration fee लिए जाने की सीमा को समाप्त कर दिया है।

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सरकार का मानना है कि इस टैरिफ की वजह से छोटी भूमि या संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले कमजोर लोगों को अधिक शुल्क देना पड़ रहा था, जबकि बड़ी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने वाले लोग भी उसी अनुपात में Registration fee देकर मुक्ति पा लेते थे।

Registration fee में इस विषमता को दूर करने के लिए सरकार ने सभी लोगों के लिए अब खरीदी जाने वाली संपत्ति के मूल्य का एक प्रतिशत धनराशि Registration fee के तौर लेने की व्यवस्था को लागू किया है। सूत्रों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने को प्रतिवर्ष करीब एक हजार करोड़ रुपये की आय होगी।

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