हितेश चंद्र अवस्थी होंगे कार्यकारी डी जी पी पारंपरिक परेड के साथ डीजीपी ओपी सिंह को दी विदाई

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लखनऊ, 31 जनवरी : उप्र के डीजी पी ओपी सिंह आज सेवानिवृत्त हो गए। आज उनकी विदाई के दौरान उनको शाही तरीके से पारंपरिक परेड के साथ विदाई दी गई। ओपी सिंह की रिटायरमेंट के बाद अब हितेश चंद्र अवस्थी प्रदेश के अगले कार्यकारी पुलिस महानिदेशक बनें।

हितेश अवस्थी 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अपने करियर में साफ छवि के अफसरों में गिने जाने वाले हितेश चंद्र अवस्थी करीब 14 वर्ष तक सीबीआई में तैनात रहे थे । 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी ओ पी सिंह 23 जनवरी, 2018 से डीजीपी पद पर कार्यरत थे।

स्मरण रहे की ओ पी सिंह का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर काफी चर्चाएँ जनवरी महा में चलती रही जिन पर आज महीने के अंतिम दिन उनकी विदाई से विराम लग गया ।

डीजीपी की दौड़ में इनका भी था नाम शामिल

ज्ञात रहे कि नए डीजीपी के लिए जिन अफसरों की सूची भेजी जा गई थी, उसमें 1984 बैच के आईपीएस एपी महेश्वरी ,यूपी में विजिलेंस में तैनात 1985 बैच के हितेश चंद्र अवस्थी, केंद्र में आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार, यूपी में नागरिक सुरक्षा के डीजी 1986 बैच के जेएल त्रिपाठी, सीआरपीएफ में एडीजी मो. जावेद अख्तर, बीएसएफ में स्पेशल डीजी नासिर कमाल, यूपी में डीजी सुजानवीर सिंह, केंद्र में बीएसएफ में एडीजी 1987 बैच के मुकुल गोयल, ईओडब्ल्यू में डीजी आरपी सिंह, डीजी रूल्स एंड मैनुअल विश्वजीत महापात्रा, मानवाधिकार आयोग में डीजी जीएल मीणा, भर्ती बोर्ड के डीजी 1988 बैच के आईपीएस राजकुमार विश्वकर्मा, हाल ही में प्रतिनियुक्ति से वापस आने वाले देवेंद्र सिंह चैहान, केंद्र में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में एडीजी अनिल अग्रवाल, यूपी में जेल विभाग के डीजी आनंद कुमार, डीजी कोआपपरेटिव सेल असित कुमार पांडा, एडीजी पावर कॉर्पोरेशन कमल सक्सेना, एडीजी ट्रैफिक विजय कुमार, एडीजी पीटीसी बृज राज और 1989 बैच के आईपीएस और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नेशनल इंटेलीजेंस ग्रिड में एडीजी के पद पर तैनात आशीष गुप्ता के नाम हैं।

बताते चलें कि 1956 में खरीदी गई विंटेज कार में ओ पी सिंह की विदाई हुई , ओपी सिंह अपना दो साल का कार्यकाल पूरा कर 58वें डीजीपी के रूप में रिटायर हुए है । खबरों के अनुसार गत दिवस एडीजी आनंद कुमार सिंह को कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

ओ पी सिंह द्वारा खबरों के अनुसार सूचना आयुक्त के पद के लिए आवेदन किया गया था लेकिन उक्त लाइन लिखे जाने तक उस संदर्भ में क्या हुआ यह पता नहीं चल पाया था ।

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