लोकतंत्र के मामले में 10वें स्थान से खिसककर 51वें पायदान पर देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था का पहुंचना

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यह अच्छा संदेश नहीं है, प्रधानमंत्री जी दें ध्यान

दुनियाभर में अपनी पहचान एक प्रमुख लोकतांत्रिक देश के रूप में रखने वाले अपने देश को लेकर द इकोनाॅमिस्ट द्वारा जारी सूची में 10 स्थान से खिसककर 51वें पायदान पर पहुंच जाने की खबर चिंताजनक और सोचनीय विषय है। जब 2014 में देश में भाजपा की सरकार श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गठित हुई तो यह समझा जा रहा था कि अपने यहां लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी लेकिन भारत डेमोक्रेसी इंडेक्स में 10वें पायदान से नीचे 51वीं पोजिशन पर आ गया। 2019 में भारत का डेमोक्रेसी स्कोर 6.9 रहा, जो 13 साल में सबसे निचले स्तर पर है। द इकोनाॅमिस्ट ने मंगलवार को 165 देशों की डेमोक्रेसी लिस्ट जारी की। इस रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता संशोधन कानून लागू करने की वजह से भारत के डेमोक्रेसी स्कोर में गिरावट आई।

5 बिंदुओं के आधार पर जारी की रिपोर्ट
द इकोनाॅमिस्ट ने 2006 में डेमोक्रेसी इंडेक्स जारी करना शुरू किया था। तब से अब तक 13 साल में यह भारत का सबसे कम डेमोक्रेसी स्कोर है। 2014 में यह सबसे ज्यादा 7.92 था। डेमोक्रेसी इंडेक्स चुनावी प्रक्रिया और अनेकता की स्थिति, सरकार की कार्यप्रणाली, राजनीतिक भागीदार, राजनीतिक संस्कृति और सामाजिक स्वतंत्रता जैसे 5 बिंदुओं के आधार पर जारी की जाती है।

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भारत के लिए उथल-पुथल भरा रहा साल 2019
रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी बिंदुओं के आधार पर देखा जाए तो 2019 भारत के लिए बेहद उथल-पुथल भरा साल रहा। भाजपा सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा लिया। नागरिकता संशोधन कानून लागू किया। सरकार के इन ऐतिहासिक फैसलों ने राजनीतिक टकराव पैदा किया। सीएए को पूरे देश में भेदभाव भरे कानून के तौर पर देखा गया। इन सबका असर 2019 में भारत में सामाजिक स्वतंत्रता और उसकी लोकतांत्रिक स्थिति पर पड़ा।

भारत को बताया त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र
एक खबर के अनुसार इनके कुल अंकों के आधार पर देशों को चार प्रकार के शासन में वर्गीकृत किया जाता है- पूर्ण लोकतंत्र (8 से ज्यादा अंक हासिल करने वाले), त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र (6 से ज्यादा लेकिन 8 या 8 से कम अंक वाले), संकर शासन (4 से ज्यादा लेकिन 6 या 6 से कम अंक हासिल करने वाले) और सत्तावादी शासन (4 या उससे कम अंक पर)। भारत को त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र में शामिल किया गया है।

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निचले पायदान के करीब चीन
इस बीच चीन 2019 में गिरकर 2.26 अंकों के साथ अब 153वें पायदान पर है। यह वैश्विक रैंकिंग में निचले पायदान के करीब है। उभरती हुई दूसरी अर्थव्यवस्थाओं में ब्राजील 6.86 अंक के साथ 52वें पायदान पर है, रूस 3.11 अंक के साथ सूची में 134वें स्थान पर है। इस बीच पाकिस्तान कुल 4.25 अंकों के साथ सूची में 108वें स्थान पर है, श्रीलंका 6.27 अंकों के साथ 69वें और बांग्लादेश 5.88 अंकों के साथ 80वें स्थान पर है। नार्वे इस सूची में शीर्ष पर है जबकि उत्तर कोरिया 167वें स्थान के साथ सबसे नीचे है।

मेरा मानना है कि इस रिपोर्ट में जो हमारी स्थिति दर्शायी गई है उससे बाहर निकलने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्र सरकार को विपक्षी दलों के नेताओ व जागरूक नागरिकों के साथ विचार विमर्श कर जल्द से जल्द सकारात्मक कार्रवाई शुरू करनी चाहिए और आम आदमी को अपने प्रतिदिन के कार्याें में भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहसास हो इसके लिए लाल फीता शाही के कर्णधारों द्वारा कानून और नियमों का पालन अपने हिसाब से कर उसके चक्रव्यूह में फंसाकर जो आम आदमी का उत्पीड़न किया जा रहा है उसे रोकने के लिए भ्रष्टाचार और लापरवाह प्रशासन रोकने के उपाय भी किए जाएं और सरकारी कार्यालयों को हर प्रकार के भ्रष्टाचार से मुक्त करने हेतु इसमें लिप्त पाए जाने वाले अफसरों को नियमानुसार समय से पूर्व सेवानिवृति दी जाए।

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