जेएनयू पहुंचकर दीपिका पादुकोण विवाद को जन्म नहीं देती तो फिल्म छपाक और ज्यादा कमाई व दर्शकों को जोड़ सकती थी

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पदमावत में भी ऐसा ही हुआ था

फिल्मी दुनिया के अपने जीवन के 100 फिल्म पूरी कर चुके अजय देवगन की फिल्म तान्हाजी: द अनसंग वाॅरियर तथा जानी मानी फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की छपाक इस हफ्ते रिलीज हुई। दोनों ही अपने अपने हिसाब से अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्यों तान्हाजी में देश के वीरों की गाथा को प्रदर्शित किया गया है। तो छपाक में वर्तमान समय में सबसे बड़ी क्रूती महिलाओं के विषय को बड़े ही सुंदर तरीके से मेघना गुलजार के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया है। और दीपिका पादुकोण ने अत्यंत सराहनीय कार्य भी किया है।

पूरे देश में टैक्स फ्री हो सकती थी छपाक
फिल्म को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री किया गया है। अगर दीपिका पादुकोण थोड़ा सा संभलकर चलती तो शायद मालती अग्रवाल आदि पर बनी फिल्म पूरे देश में टैक्स फ्री होती। और जो बिजनेस अभी तक उसके द्वारा किया गया। वो भी कई गुना हो सकता था। क्योंकि फिल्म का विषय भावनाओं को छूने वाला है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव की सहमति पर पार्टी के प्रवक्ता पूर्व मंत्री रहे राजेंद्र चैधरी द्वारा पहले ही दिन लखनऊ में अपने लगभग 500 महिला पुरूष कार्यकर्ताओं के साथ यह फिल्म देखी गई। पहले दिन रिलीज इस फिल्म के बार में टेªड एनालिस्ट जोगेंदर टुटेजा का कहना है कि इसकी इनकम पहले दिन की पांच छह करोड़ रूपये होनी चाहिए। आगे का भविष्य दर्शकों के उपर निर्भर है। लेकिन फिल्मों का जो ट्रेंड रहा है उसके हिसाब से पहले सप्ताह में 18 से 20 करोड़ रूपये की कमाई होनी चाहिए।

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विवादों का दीपिका पादुकोण से कोई पुराना नाता है या वो जब भी कोई नई फिल्म करती हैं तो शायद उसके मुफ्त प्रमोशन के लिए कोई ना कोई बड़ा विवाद खुद ही खड़ा कर लेती हैं। क्योंकि पूर्व में बनी फिल्म पदमावत में खिलजी के किरदार को लेकर बवाल मचा और बाद में शायद उसमें फेरबदल किया गया और फिल्म खूब चली और विवाद खत्म हो गया। मगर प्रचार जमकर हुआ। क्योंकि देशभर में धरने प्रदर्शन और हंगामे के साथ फिल्म को प्रतिबंधित करने की मांग करणी सेना आदि द्वारा की गई थी।
तो अब छपाक के प्रदर्शन से पूर्व बिना किसी मतलब के या पूर्व प्रोग्राम के अचानक जेएनयू पहुंचकर एक ग्रुप से मिल और बिना कुछ कहे वापस लौटीं दीपिका पादुकोण विवादों को जन्म देने में सफल रही । परिणामस्वरूप मीडिया में इसका खूब प्रचार हुआ और घर घर मंें चर्चा हुई। पहले दिन फिल्म प्रदर्शित हुई और लगभग छह करोड़ का बिजनेस करने में सफल रही।

रणवीर सिंह ने की तारीफ
दीपिका के पति रणवीर सिंह द्वारा इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा गया कि मेघना तुम्हारी फिल्म लोगों को आशा और हिम्मत देती है। यह मानवता का सबसे अच्छा और बुरा हिस्सा दिखाती है। जिसके बारे में हमने सुना है मगर पूरी तौर पर समझा नहीं है। कहानी झकझोर कर रख देती है। रणवीर ने दीपिका के लिए लिखा कि मेरी बेबी, मैंने आपको इस स्पेशल किरदार के लिए मेहनत करते देखा है। आप इस प्रोजेक्ट की इंजन हो। आप इस फिल्म की आत्मा हो। यह आपकी अब तक की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म है। आपने पूरी ईमानदारी से इस फिल्म में काम किया है।

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तेजाब पीड़िताओं को सम्मान दिलाया
अगर सोचें तो रणवीर सिंह के कथन में कुछ गलत नहीं है क्योंकि इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान सोनी टीवी पर इंडियन आईडियल व कपिल शर्मा के शो में प्रमोशन के लिए पहुंची दीपिका पादुकोण के द्वारा मेघना और अन्य तेजाब से पीड़ित महिलाओं को खूब उत्साह बढ़ाया और उन्हें सम्मान दिलाया जो इस बात का प्रतीक है कि उनकी सोच बड़ी सरल है।

विरोध ने नुकसान पहुंचाया
मगर सवाल यह उठता है कि फिल्म तो बिना कोई विवाद उत्पन्न किए भी इससे ज्यादा चल सकती थी और विषय भी ऐसा था कि जिसे प्रचार मिलना ही था। तो फिर उन्हें जेएनयू पहुंचकर एक नए विवाद को जन्म नहीं देना चाहिए था।

तान्हाजी का प्रदर्शन भी अच्छा है
अजय देवगन की फिल्म तान्हाजी भी बीते शुक्रवार को ही रिलीज हुई और मजे की बात यह है कि उनके द्वारा जेएनयू की हिंसा को उचित नहीं बताया गया। फिर भी फिल्म तान्हाजी काफी पसंद की जा रही है जो इस बात का प्रतीक है कि अगर फिल्म कलाकार विवादों से बचकर चलें तो भी उनका किरदार और अदाकारी फिल्म को आगे बढ़ाने में काफी सफल रहती है।

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बिना विवाद के अच्छा बिजनेस करती छपाक
मेरा मानना है कि अगर दीपिका पादुकोण इस विवाद से दूर रहती तो छपाक को और अच्छा बिजनेस पहले दिन मिल सकता था क्योंकि हिंदू जागरण मंच, एबीवीपी आदि संगठनों द्वारा इसका खुला विरोध किया गया। यूपी के अलीगढ़ में तो सिनेमा में फिल्म ना चलने देने की चेतावनी एक संगठन द्वारा दी गई। इस तथ्य को देखते हुए जो शांति प्रिय लोग हैं वो अपने परिवारों के साथ चाहते हुए भी शायद यह फिल्म देखने नहीं जा पाए। इसलिए मुझे लगता है कि प्रचार पाने के लिए जो विवाद उन्होंने खड़ा किया उसका नुकसान फिल्म को हुआ कोई फायदा नहीं।

दीपिका ने प्रभावित किया
हां जैसे जैसे जेएनयू प्रकरण धीमा पड़ता जाएगा। वैसे वैसे मुझे लगता है कि यह फिल्म थोड़ा अच्छा प्रदर्शन करने में सफल हो सकती है। रही बात दीपिका का अभिनय मालती अग्रवाल के रूप में काफी प्रभावित कर रहा है।

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