सरकारें दें ध्यान; राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रही है मृत पशुओं से उठती दुर्गंध

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देश में पर्यावरण की शुद्धता बनाए रखने के लिए स्वच्छता अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और उनकी टीम सहित जिन प्रदेशों में भाजपा की सरकार है। उनके अतिरिक्त भी जहां अन्य दल सरकार चला रहे हैं वहां भी इस बिंदु पर खूब काम हो रहा है। वो बात दूसरी है कि नौकरशाहों के द्वारा कागजी खानापूर्ति कर इस योजना को पलीता लगाया जा रहा हो।
मगर फिलहाल हम भयंकर वायु प्रदूषण फैलाने वाली ऐसी समस्या की ओर सत्ताधारियों और जनपदों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान दिलाना चाहते हेैं वो यह है कि कभी ना कभी सबको ही यात्रा करते समय हाईवे या लंबे रूट अथवा गांव देहातों के लिंक मार्गों पर अचानक कुछ दूरी के लिए उठने वाले बदबू के भभके का सामना करना पड़ता है। और यह वायु प्रदूषण सड़कों के किनारे और खेतों के बीच के गडढों में फेंक दिए जाने वाले मृत पशुओं के अवशेष से फैलता है।

लेकिन अभी तक किसी भी स्तर पर शायद इस वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सीधे सीधे कोई नियम कानून नहीं है। क्योंकि यह यात्रियों की सेहत पर कुछ समय से लेकर कभी कभी तो घंटों तक बुरा असर डालता है। इस बात को दृष्टिगत रख हमारी सरकारों को खुले में सड़कों के किनारे मरे जानवरों के अवशेष डालने पर रोक लगानी चाहिए। और जो भी इन्हंें डालता हुआ पकड़ा जाए या पता चले कि फलां व्यक्ति ने यह काम किया है इसके लिए सजा का प्रावधान जनहित में किया जाना चाहिए।

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