राजीव धवन बने रह सकते हैं मुस्लिम पक्ष के वकील

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नई दिल्‍ली, 03 दिसंबर। अयोध्या केस में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन के ‘हटने’ या ‘हटाए जाने’ पर विवाद उठने के बाद अब कहा जा रहा है कि वह मुस्लिम पक्षकारों के वकील बने रह सकते हैं. दरअसल इस केस में कुल छह पक्षकार हैं. इनमें से एक जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने धवन को हटाया है. लेकिन बाकी पांच अन्‍य मुस्लिम पक्षकार उनको अपना प्रमुख वकील बनाए रखना चाहते हैं. आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड राजीव धवन से पैरवी के लिए मनाने की कोशिशें कर रहा है.

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बता दें की सभी मुस्लिम पार्टियों की शनिवार को राजीव धवन के साथ मुलाकात हुई थी. उसमें तय किया गया कि मुस्लिम पक्ष पुनर्विचार याचिका दायर करेगा. ये भी कहा जा रहा है कि राजीव धवन ने याचिका को आखिरी तौर पर तैयार भी किया. लेकिन अचानक जमीयत के वकील एजाज मकबूल ने सोमवार को धवन से सलाह-मशविरा किए बिना अकेले ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की. इससे राजीव धवन नाराज हो गए. उसके बाद उन्‍होंने जमीयत को लिखकर कहा कि यदि उनको हटाए जाने का फैसला हुआ है तो वह इसे स्‍वीकार करते हैं.

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जमीयत के अध्‍यक्ष अरशद मदनी ने कहा कि राजीव धवन बीमार हैं इसलिए एजाज मकबूल ने याचिका दायर की. लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसमें सच्‍चाई नहीं है. सूत्रों का कहना है कि दरअसल मदनी पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करना चाहते थे. लेकिन जब एआईएमपीएलबी ने साफ कर दिया कि वे पुनर्विचार याचिका दायर करने के पक्ष में हैं तो मजबूर होकर उन्‍होंने भी साथ देने का फैसला किया.

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