मेडिकल प्रवेश घोटाले में लखनऊ और मेरठ में सुधीर गिरी के निवास पर सीबीआई के छापे

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सात के खिलाफ एफआईआर दर्ज, आगे भी हो सकती है कार्रवाई

मेरठ, 7 दिसंबर (विशेष संवाददाता)। एक निजी मेडिकल कॉलेज में अनियमितता के मामलों और उसका पक्ष लेने के लिए सीबीआई द्वारा गत दिवस लखनऊ व मेरठ में छापेमारी की गई। विभिन्न समाचार पत्रों में छपी खबर के अनुसार सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला को नामजद किया है। जांच एजेंसी ने उनके लखनऊ स्थित आवास पर छापेमारी भी की। एक मेडिकल कॉलेज का कथित तौर पर पक्ष लेने को लेकर सीबीआई ने उनके खिलाफ यह कार्रवाई की। अधिकारियों ने गत शुक्रवार को कहा की जांच एजेंसी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के न्यायाधीश शुक्ला के साथ-साथ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आई एम कुद्दूसी, प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के भगवान प्रसाद यादव और पलाश यादव, ट्रस्ट तथा निजी व्यक्तियों भावना पांडेय और सुधीर गिरि को भी मामले में नामजद किया है। सीबीआई ने प्राथमिकी में यह आरोप लगाया और खुलासा किया कि न्यायमूर्ति शुक्ला ने अपने पद का दुरुपयोग किया और आपराधिक साजिश रची और प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के बीपी यादव एवं पलाश यादव को वित्तीय फायदा पहुंचाने के लिए अवैध कार्य किया।

वहीं, दूसरी ओर सीबीआइ दिल्ली की टीम ने मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के गढ़ रोड स्थित मीरा एन्क्लेव में छापा मारा और वेंकटेश्वरा ग्रुप के चेयरमैन सुधीर गिरि के घर को खंगाला गया। कई घंटे तक सीबीआइ की टीम ने कागजात की जानकारी जुटाई। रात को करीब साढ़े आठ बजे सीबीआइ की टीम मेरठ से दिल्ली के लिए रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि टीम को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले है।

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गत दिवस सीबीआइ की टीम ने लखनऊ और मेरठ समेत पांच स्थानों पर एक साथ छापा मारा, जिस भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआइ की टीम काम रही है। उस मामले में मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के मीरा एन्कलेव में रहने वाले वेंकटेश्वरा ग्रुप के मालिक सुधीर गिरि के घर पर भी छापामारी की गई। सूत्रों के मुताबिक, टीम साइलेंट तरीके से इनोवा में सवार होकर मीरा एन्कलेव में पहुंची और वहां पर सिक्योरिटी गार्ड और गेटमैन को घर के बाहर खड़ा कर दिया। उसके बाद सीबीआइ की टीम ने घर में दस्तावेज खंगाले। रात करीब साढ़े आठ बजे सीबीआइ की टीम वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि सुधीर गिरि अपने बच्चों के साथ लंदन गए हुए हैं। परिवार के सदस्यों ने सीबीआइ से जानकारी भी ली है। सीबीआइ की टीम ने उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया है। माना जा रहा है कि घर के अंदर से सीबीआइ की टीम को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले है।

चर्चा यहां तक है कि टीम घर के बाद वेंकटेश्वरा ग्रुप के रुड़की रोड स्थित कालेज भी गई थी। वहां कोई नहीं मिला। इस संदर्भ में एसएसपी अजय साहनी और एडीजी प्रशांत कुमार का कहना है कि सीबीआइ की टीम ने उन्हें छापामारी से पहले जानकारी नहीं दी है। छापामारी की स्थानीय थाना पुलिस को भी कोई जानकारी नहीं दी गई। शायद टीम सीधे ही मीरा एन्क्लेव गई थी। बताया जा रहा है कि अभी दोबारा भी सीबीआइ की टीम सुधीर गिरि के घर पर छापा मार सकती है।

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स्मरण रहे कि ऐसे मामला को लेकर पहले भी चर्चाओं में रहा है मेरठ

मेडिकल कॉलेज बनाने की चाहत कई बड़े एजुकेशन ग्रुप के लिए मुश्किल खड़ी कर चुकी है। वेंक्टेश्वरा ग्रुप पर मेडिकल कॉलेज के फेर में सीबीआई का छापा पड़ा। इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज की अनुमति को लेकर मेरठ चर्चाओं में रहा है। बता दें कि एक ग्रुप अपनी इनकम की बड़ी राशि इस चक्कर में बेकार कर चुका है। चर्चा है कि एक अन्य ग्रुप मेडिकल कॉलेज की मान्यता के चक्कर में करोड़ों रुपये बर्बाद कर चुका है। इससे पहले मेरठ के कॉलेज बीएड की मान्यता को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।

गत दिवस शाम वेंक्टेश्वरा ग्रुप के चेयरमैन सुधीर गिरी के घर सीबीआई के छापे के बाद अन्य ग्रुप संचालकों में भी हड़कंप मच गया। कुछ वर्ष पहले ही राजनीति में रसूख रखने वाले एक मेडिकल कॉलेज की संचालक स्टिंग ऑपरेशन में फंस चुकी हैं। ये संचालक एमबीबीएस में एडमिशन के नाम पर सीटों का खुलेआम सौदा कर रही थी। इस तरह एक चर्चित इंस्टीट्यूशन ग्रुप को मेडिकल कॉलेज में मुनाफा दिखाई दिया तो उन्होंने भी तैयारी कर ली बताया जा रहा है। सबसे पहले हॉस्पिटल खोला। कई वर्ष तक चलाया, लेकिन कॉलेज की मान्यता नहीं मिली। एमबीबीएस की मान्यता दिलाने के नाम पर एक कन्सल्टेंट कंपनी ने ग्रुप से करोड़ों रुपये ले लिए। बाद में इस ग्रुप को नुकसान उठाना पड़ा। यह ग्रुप अब भी वित्तीय संकट के बुरे दौर से गुजर रहा है।

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बताते चलें की इसी तरह एक विवि और कॉलेज के मालिक ने एमबीबीएस के लिए तैयारी की। इस ग्रुप को मान्यता दिलाने के लिए एक चर्चित नेता ने मोटी रकम ले ली। यह रकम वापसी के लिए चेयरमैन को ऐड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। अब यह ग्रुप आयुर्वेदिक कॉलेज की तैयारी में है। मेडिकल से पहले मेरठ के कॉलेज बीएड के विवादों में फंसे रहे। विवि की जांच बैठी तो मान्यता गंवानी पड़ी।

चर्चा है कि इस मामले में सात पर केस दर्ज और सीबीआई के छापे मारे गए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर। कहा जा रहा है कि इस प्रकरण में कई फंस सकते हैं भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के शिकंजे में।

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