बिजली चोरी रोकने हेतु अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी की जाए कार्रवाई

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केंद्र व प्रदेश की सरकार आम आदमी को सस्ती और नियमित रूप से बिजली देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। जिसके तहत खपत के अनुकूल उत्पादन बढ़ाने और अन्य उपाय भी इस बारे में विस्तार से अपनाए जा रहे हैं। इसके बावजूद यह किसी से छिपा नहीं है कि बिजली तो महंगी हो ही रही है उपभोक्ताओं पर विभिन्न तरीकों से महंगाई की मार भी पड़ रही है और वो आर्थिक रूप से काफी दबाव में है।

आखिर ऐसा क्यों हो रहा है तो जो बात सामने उभरकर आती है उसके अनुसार एक तो विभाग के अधिकारियों के अनाप शनाप खर्चे और दी जा रही सुविधाएं तथा बिजली की चोरी इसके मुख्य कारण और सरकार की सोच के विपरित माहौल पैदा कर रहे हैं। बताते चलें कि एक अप्रैल से पांच नवंबर 2019 तक के जो तथ्य बिजली चोरी से संबंधित उभरकर सामने आए हैं उसके अनुसार एक छपी खबर से पता चलता है कि पश्चिमांचल के 14 जिलों में बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाया गया है। जिसमें बिजली और विजीलेंस टीमों द्वारा अभी तक की गई कार्रवाई में सर्वाधिक बिजली चोरी के मामले पीवीवीएनएल के मुरादाबाद और गाजियाबाद जोन में पकड़े गए। तीसरे नंबर पर सहारनपुर जोन है। चैथे नंबर पर मेरठ और सबसे निचले पायदान पर नोएडा जोन है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के निर्देशन में लगातार बिजली चोरी रोकने और बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई में बिजली और विजीलेंस टीमें जुटी हैं। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर स्थापित किए गए बिजली थानों से अब सीधे कार्रवाई की जा रही है। पश्चिमांचल के पांच जोन के 14 जिलों में बिजली चोरी रोकने के लिए की गई कार्रवाई का एमडी पीवीवीएनएल अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने रिपोर्ट कार्ड जारी किया है।

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सवाल ये उठता है कि इतनी चोरी बिजली की पकड़ी जा रही है और कितने ही लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। अधिकारी आए दिन अभियान इस मामले में चलाए जाने के साथ अतिरिक्त कार्रवाई कर रहे हैं। फिर भी आखिर बिजली चोरी क्यों नहीं रूक पा रही है। मुझे लगता है कि जब तक जिस क्षेत्र में बिजली चोरी पकड़ी जा रही है। उसके एसडीओ आदि के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक शायद कितने ही प्रयास कर लिए जाएं चोरी रूक पानी संभव नहीं है। मेरा मानना है कि जिस प्रकार उपभोक्ताओं के विरूद्ध कार्रवाई हो रही है उसी प्रकार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो तथा उनके वेतन और घरेलू संपत्ति अथवा जमा योजनाओं से जितनी रकम उपभोक्ताओं से वसूली जा रही है उतनी ही इनसे वसूली जाए और जो सजा आम आदमी के लिए निर्धारित है वो ही इन्हें इस काम में सहभागी मानते हुए इनके खिलाफ भी की जाए तो शायद बिजली चोरी रूक जाए और माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की भावनाओं के तहत आम आदमी को सस्ती और नियमित बिजली प्राप्त हो सकती है।

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