गुजरात के सीएम के लिए क्यों खरीदा जा रहा 191 करोड़ रुपये का विमान

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पीएम मोदी और अमित शाह दें ध्यान, देश में आर्थिक तंगी के चलते

देश में व्याप्त आर्थिक मंदी को लेकर विपक्षी दल तो आक्रामक हैं ही सत्ताधारी भी इस बात को पूरी तौर पर नकार नहीं पा रहे हैं और आम आदमी के लिए यह विषय चिंता का बना हुआ है। क्योंकि जिन-जिन देशों में आर्थिक मंदी का दौर शुरू होता है अगर समय रहते उसमें सुधार न हो तो वहां क्या स्थिति हो सकती है यह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में गुजरात में भाजपा सरकार ने आखिरकार पांच सालों बाद मुख्यमंत्री, राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री जैसे अन्य गणमान्य व्यक्तियों के उपयोग के लिए 191 करोड़ रुपये का एक नया विमान खरीदा है। बताते हैं क यह विमान को खरीदने के लिए औपचारिक प्रक्रिया पांच साल पहले ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन यह पूरी नहीं हो पाई। इस महीने के तीसरे हफ्ते में ‘बाॅम्बार्डियर चैलेंजर 650’ विमान को सरकार को सौंप दिया जाएगा। यह सात हजार किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है।

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इस खास विमान का प्रयोग मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत राज्य के राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री करेंगे। इस विमान को दो सप्ताह के भीतर गुजरात सरकार को सौंप दिया जाएगा। जिसके बाद राज्य के सभी तीनों गणमान्य व्यक्ति इस विमान का प्रयोग अपने दौरों के लिए कर सकेंगे। बताते चलें कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह और कर्मभूमि वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों जैसी विशिष्ट हस्तियों की यात्रा के लिए ऐसे में एक अरब 91 करोड़ का विमान खरीदा जाना समझ से बाहर है।
केंद्र की सरकार आर्थिक तंगी से उभरने के लिए खबरों के अनुसार प्रयास कर रही है। दूसरी ओर एक प्रदेश के मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए इतनी महंगी सवारी को खरीदे जाने को शायद कोई भी उचित नहीं कह सकता । मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को इस मामले में ध्यान देकर फिलहाल यह फिजूलखर्ची रोकनी चाहिए।

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क्योंकि माननीय मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तथा अन्य विशिष्ट अतिथि अगर हवाई मार्ग की जगह सड़क मार्ग से यात्रा करेंगे तो एक तो उन्हें प्रदेश भर में सड़कों की वर्तमान स्थिति का ज्ञान होगा दूसरी जहां जहां वो जाएंगे रास्ते में पड़ने वाले गांव देहातों व शहर में रहने वाली जनता से संवाद कायम करने का मौका मिलेगा जिससे पार्टी और सरकार दोनों की पकड़ जनता पर मजबूत होगी। इसलिए मुझे लगता है कि फिलहाल देश और जनहित में यह विमान सौदा निरस्त किया जाना चाहिए।

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