MP: Honey Trap Gang Lipstick और चश्मों पर फिट करता था कैमरा, ऐसे होती थी ब्लैकमेलिंग

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नई दिल्ली: इंदौर का हनी ट्रैप मामला इन दिनों लगातार चर्चा में बना हुआ है. इस High profile case में नेताओं से लेकर सरकारी अफसरों तक का नाम सामने आया है जिसके बाद से इस केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. इसी बीच हनी ट्रैप गैंग से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा है. इस गैंग की लीडर नेताओं और अफसरों के फोन टेप करा रही थी. सूत्रों से सामने आई खबर के मुताबिक बेंगलुरू की निजी कंपनी के जरिए नेता और अफसरों के फोन पर नजर रखी जा रही थी. इतना ही नहीं Blackmailing के लिए Lipstick और चश्मों में कैमरे फिट किए जाते थे ताकि उससे विक्टिम के Video बनाए जा सकें.

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सूत्रों के मुताबिक बेंगलुरू की निजी कंपनी से Cyber Security, Cyber Forensics और फोन सिक्योरिटी के काम सारे काम कराए गए. इतना ही नहीं Chatting, SMS के साथ ही कॉल रिकॉर्ड भी कराए गए. इस मामले से जुड़े अफसरों की जानकारी हासिल करने में SIT पूरी तरह जुट गई है. हनी ट्रैप गैंग मोबाइल डेटा के जरिए अफसरों को ब्लैकमेल कर ठेके और नौकरियां दिलाने का काम करता था.

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बता दें कि जांच कर रही टीम को गैंग से जुड़ी कई गुमनाम शिकायतें लगातार मिल रही हैं. शिकायतें SIT, पुलिस मुख्यालय और सीएम सचिवालय पहुंच रही हैं. हनी ट्रैप कांड की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) ने हर छोटे-बड़े शहर, व गांवों में फैले किरदारों तक पहुंचने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है और इसके लिए उसने एक E mail ID बना दी है, जिस पर कोई भी व्यक्ति कहीं से भी इस तरह के अनैतिक कारोबार में शामिल लोगों के बारे में जानकारी दे सकता है. हनीट्रैप कांड की जांच के लिए एसआईटी ने तेजी से काम करना शुरू कर दिया है. इस टीम के प्रमुख का कहना है कि जिसका अपराध पाया जाएगा, उसके नाम सामने आएंगे.

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