दोनों देशों के आपसी सहयोग से पूरी हुई भारत-नेपाल पाइपलाइन, प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल को कहा- धन्‍यवाद

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नई दिल्‍ली, 10 सितम्बर।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को video link के जरिए संयुक्‍त रूप से भारत नेपाल (मोतिहारी-अमलेखगंज) पाइपलाइन का उद्घाटन किया। दक्षिण एशिया का यह पहला क्रॉस बॉर्डर पेट्रोलियम पाइपलाइन है। इस मौके पर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच आपसी संबंध और सहयोग पर जोर दिया वहीं नेपाल के प्रधानमंत्री के पी ओली ने भी प्रसन्‍नता जाहिर की। फिलहाल भारत और नेपाल के बीच पेट्रोलियम उत्‍पादों का ट्रांसपोर्ट 1973 में बनाए गए नियमों के आधार पर ही हो रहा है।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ संयुक्‍त तौर पर पाइपलाइन उद्घाटन करते हुए खुशी हो रही है। मेरे मित्र मोदी जी और भारत सरकार को धन्‍यवाद।’ साथ ही उन्‍होंने इस परियोजना में शामिल नेपाल की टीम को भी बधाई दी और कहा, ‘ मोदी जी का सबका साथ, सबका का विकास, सबका विश्वास और मेरा समृद्ध नेपाल, सुखी नेपाली के लिए हमारी प्रतिबद्धता और प्रयास से हमारे देशों में विकास होगा।’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल व भारत के आपसी सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पाइपलाइन समय से पहले पूरा हो गया। उन्‍होंने कहा, ‘यह बहुत संतोष का विषय है कि दक्षिण एशिया की यह पहली क्रॉस-बॉर्डर पेट्रोलियम पाइपलाइन रिकॉर्ड समय में पूरी हुई है। जितनी अपेक्षा थी, उससे आधे समय में यह बन कर तैयार हुई। इसका श्रेय नेपाल सरकार के सहयोग और हमारे संयुक्त प्रयासों को जाता है।’ उन्‍होंने आगे कहा, ‘पिछले पांच वर्षों में, हमने महत्वपूर्ण द्विपक्षीय परियोजनाओं को पूरा किया है और कई अन्य नई परियोजनाओं के परिणाम जल्दी प्राप्त किए हैं। पिछले साल हमने संयुक्त रूप से पशुपतिनाथ धर्मशाला और आईसीपी वीरगंज का उद्घाटन किया था।’

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नेपाल में भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने जून में बताया था कि यह पाइपलाइन नेपाल के लिए ‘गेम चेंजर’ होगा। मोतिहारी-अमालेखगंज पाइपलाइन से नेपाल में तेल भंडारण की समस्‍या से निजात दिलाने में मदद मिलेगी।

शुरुआत में इस परियोजना की लागत का आकलन 275 करोड़ रुपये किया गया था जिसमें से भारत को 200 करोड़ रुपये का खर्च वहन करना था। इसके बाद NOC ने बताया कि परियोजना की कुल लागत बढ़ गई है और करीब 325 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। NOC डिप्‍टी एक्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर सुशील भट्टाराई ने कहा, ‘सीमा पार ईंधन परियोजना के कॉमर्शियल ऑपरेशन ईंधन में कम से कम करीब एक रुपये प्रति लीटर कीमत कम जाएगी।’

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