पीएम मोदी के जन्मदिन पर ,17 सिंतबर देशवासियो के लिए मोदी के जन्मदिन हो सकता है महत्वपूर्ण ।

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100 दिन पूरे होने पर केन्द्र सरकार जनहित में कर सकती है कोई बड़ी राहत घोषणा

आगामी 17 सिंतबर का दिन देशवासियो के लिए कई मामलो में अत्यन्त महत्वपूर्ण इसी दिन देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का जन्म दिन मनाया जाएगा ।केन्द्र सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन का उत्सव भी मनाएगी।वैसे तो भाजपाईयो द्वारा इस दिन को यादगार बनाने के लिए 15 से 20 सितंबर तक जनहित के कई कार्य किये जाने की रूप रेखा बनाई जा रही है जिससे मोदी जी के जन्म दिवस से आम जनता को भी जोडा़ जा सके।
जीएसटी ,नोटबन्दी और नागरिको के समक्ष उत्पन्न आर्थिक तंगी व स्थिरता के बावजूद 130 करोड़ मतदाताओ में से ज्यादातर ने भाजपा को मत देकर दूसरी बार पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का मौका उपलब्ध कराया ।अगर ध्यान से सोचे और देखे तो कुछ गलत भी नही किया क्योकि हम अपने देश और राष्ट्र की एकता को सर्वोप्रिय मनाते हुए कुछ भी कर सकती है फिर नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में तो सरकार ने जम्मु कश्मीर से धारा 370 और 35ए हटाने तथा लद्ाख को केन्द्र शासित प्रदेश घोषित करने के अतिरिक्त इसरो के चन्द्रयान प्रोजेक्ट को मिली बड़ी सफलता हर नागरिक की कठिनाई और परेशानी को भूला देती है।
एक तरफ हमारी सरकार पूरी निष्ठा नैतिकता और आम आदमी के हित में काम कर रही है तो दूसरी और सरकारी बाबू इस बात को क्यो नही समझ पा रहे है यह विषय सोचने का है और इनकी नाकामियो तथा सम्बन्धित घपलो और घोटालो की सूचना माननीय प्रधानमंत्री और प्रदेशो के मुख्यमंत्रीयो को उनकी पार्टी के नेता विधायक और सांसद प्रभावी रूप से क्यो नही दे रहे है यह विषय सोचनीय है क्योकि कुछ सरकारी नौकरशाहो की कार्यप्रणाली के चलते कई मामलो में विपक्ष को सरकार पर असफलता का आरोप लगाने का मौका मिल जाता है।भले ही काग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल गांधी और इस पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री प्रियंका गांधी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल को विकास रहित बता रही हो लेकिन सही मायनो में ऐसा है नही सरकार मोदी जीे के जन्म दिवस पर भी कर सकती है जनहित में राहत की कई बड़ी घोषण।

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असफल बिजली विभाग आम आदमी का कर रहा है उत्पीड़न-
बताते चले की केन्द्र और प्रदेशो की सरकारे गांव देहात व शहरो में नागरिको को दी जाने वाली विधुत आपूर्ति में सुधार और उन्हे तुरन्त कनेक्शन उपलब्ध कराने व किसी भी स्तर पर परेशान न किये जाने के निर्देश दे रही है।केन्द्रिय बिजली मंत्री श्री आरके सिंह ने कहा रहे है की 24 घण्टे बिजली मिले तथा निरंतर सुधार की बात कर रहे है।मगर जहंा तक नजर जाती है यह विभाग नागरिको के लिए मानसिक , आर्थिक उत्पीड़न का कारण ही बन रहा है।अखबार में छपी एक खबर के अनुसार लेकिन हाल ये है कि यूपी के मेरठ केसरधना के एक गांव में पैसे जमा कराने के बावजूद गांधी इन्टर काॅलेज छुर को विभाग ने नही दिया कनेक्शंन इसी प्रदेश के शामली जिले में 23 -23 घण्टें बिजली ठप रहने के अतिरिक्त पूरे यूपी प्रदेश में बिजली आपूर्ति और इसके अधिकारियो की कार्यप्रणाली सें उपभोक्ता खुश नजर नही आ रहे है।आश्चर्य की बात यह है की प्रदेश के विद्युत मंत्री और दमदार भाजपा नेता श्रीकंात शर्मा जी की मेरठ के प्रभारी मंत्री है उसके बावजूद पावर काॅपरेशन के महाप्रबन्धक श्री अशुतोष निरंजन नागरिको के अनुसार बिजली आपूर्ति नियमित करने में तो असफल है ही उनके द्वारा 2005 का एक नियम निकालकर उपभोक्ता को 2 माह की अतिरिक्त सिक्योटी जमा करने के लिये नोटिस दिये जा रहे है जिससे लगभग 5 लाख उपभोक्ता प्रभावित होगें और उनसे 200 करोड़ रूपये की विसूली होना बताया जा रहा है।सवाल ये उठाता है की अगर विभाग घाटे में चल रहा है और बिजली कंपनियो का पैसो की आद्यायमी नही कर पा रहा है तो बिजली की चोरी रोकने के साथ ही अपने खर्च जो अनाप शनाप बढ़ है उनको कम करके घाटे को पूरा किया जाए। लेकिन किसी भी रूप में उपभोक्ता का उत्पीड़न कर केन्द्र और प्रदेश सरकार की परेशानी और बदनामी का कारण इस विभाग को नही बनाना चाहिए अपनी कार्यप्रणाली में सरकार और जनहित में इनके द्वारा किया जाना चाहिए सुधार ।

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सरकारी विभागों के भ्रष्ट अधिकारियो को दी जाए समय से पूर्व सेवानिवृत्ती और की जाए कार्यवाही
पीएम मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र और प्रदेश की सरकारो द्वारा लापरवाह और भ्रष्ट तथा जनसमस्याओ के समाधान में असफल अधिकारियो को समय से पूर्व रिटायर्ड किया जा रहा है वो वाकई में जनहित का निर्णय है।मेरा मनाना है की सरकारे जिस जिले में कोई भी भ्रष्टचार या घोटाले का प्रकरण जिसमें सरकार और जनता का आर्थिक या कोई भी नुकसान हो रहा हो उससे सबंध होगा नागरिको के साथ साथ सरकारी विभागो के अधिकारियो के खिलाफ भी की जाए निलम्बन और उन्हे जेल भेजने की कार्यवाही ।यूपी के मुख्यमंत्री योगी अदित्यानाथ जी का ध्यान में मेरठ में हुए मिलावाटी तेल प्रकरण आदि की और दिलाकर जनता की इस मांग से उन्हे अवगत करा रहा हुँ की व्यापारियो के खिलाफ जो कार्यवाही हो रही है वो ठीक है लेकिन पिछले काफी समय से यहँा तैनात अपर आयुक्त खाद्यय और जिलापूर्ति अधिकारी तथा बाटमाप विभाग के अफसरों का निलबन कर उनकी सेवाए समाप्त की जाए। क्योकि तेल में मिलावाट और कम नापने का काम कोई आज का नही है यह पिछले कई वर्षो से चल रहा है।और बिना जिलापूर्ति तथा बाटमाप विभाग अथवा तेल अधिकारियो की कही या अंनकही मर्जी के बिना नही चल सकता।इस तथ्य को ध्यान मे रखते हुए किसी न्यायिक अधिकारी से जनहित व सरकार के हित में इस प्रकरण की पूरी जांच कराई जाए। तथा जब तक वो पूर्ण हो तब तक संबधित विभागों के अफसरो को निलम्बित किया जाए।जिससे जांच का कार्य प्रभावित न हो सके ।

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