कुछ दिन सुकून और शांति के बिताने हैं तो रामगढ़ ज़रूर जाएं!

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नई दिल्ली, 25 अगस्त।    पहाड़ अपनी बेजोड़ ख़ूबसूरती और लोकेशन्स के लिए मशहूर हैं। आप ऑली, चोपटा, चकराता, मसूरी या देहरादून जैसी पॉप्युलर Hill stations के बारे में जानते ही होंगे, लेकिन उत्तराखंड में कई ऐसी ख़ूबसूरत जगहें हैं, जिनके बारे में बेहद कम लोग जानते होंगे। ऐसी ही एक जगह है रामगढ़।

रामगढ़ एक ऐसी जगह है जहां के ख़ूबसूरत पहाड़, शांतचित्त जगहें और नज़ारें देख आपके मन को बड़ा सुकून मिलेगा। रामगढ़ पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। नैनीताल से करीब 24 किलोमीटर दूर इस शांत और खूबसूरत जगह पर कई सेलिब्रिटीज़ ने भी अपने आशियाने बनाए हैं। यहां दिवंगत प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल का घर भी बना हुआ है, तो वहीं बॉलीवुड के दिग्गज निर्माता-निर्देशक कबीर खान और मिनी माथुर ने भी अपना शानदार रिजॉर्ट बनाया है।

बड़ी मात्रा में फलों के उत्पादन की वजह से रामगढ़ को उत्तराखंड के फलों की टोकरी भी कहा जाता है। ये रामगढ़ की निर्मल और शांतिपूर्ण सुंदरता ही थी जो ब्रिटिश अफसरों को इसकी छत्र-छाया में आराम करने खींच लाई थी। पुराने ज़माने की इमारतों और बंगलों का आज भी मौजूद होना इसका बड़ा प्रमाण है। कई प्रकार के फलों जैसे बेर, खुबानी, सेब और आड़ू के बाग हैं।

कैसे पहुंचे रामगढ़

रामगढ़ से सबसे नजदीकी हवाई अड्डा Pant Nagar Airport 76 km दूरी पर है। Pant Nagar Airport पर दिल्ली तथा अन्य कई शहरों से हवाई उड़ाने जाती है। हवाई अड्डे से रामगढ़ के लिए टैक्सी आसानी से उपलब्ध है।

काठगोदाम रेलवे स्टेशन रामगढ़ का सबसे निकट रेलवे स्टेशन है। यह हिल स्टेशन से 45 कि.मी. दूर है। दिल्ली से काठगोदाम रेलवे मार्ग पर प्रतिदिन दो ट्रेनें जाती हैं।

नई दिल्ली में Anand Vihar ISBT से अल्मोड़ा या हलद्वानी के लिए बस से सड़क-मार्ग द्वारा रामगढ़ जाया जा सकता है।

रामगढ़ में कहां घूमें
रामगढ़ के जंगलों में एकबार Trekking जरूर करें। हालांकि वहां के लोकल इंसान को अपने साथ ज़रूर रखें ताकि रास्ता न भटकें। कुछ वक्त आप नथुखान और मुक्तेश्वर की पहाड़ियों में बिता सकते हैं जो वहां से ज़्यादा दूर नहीं है।

नथुखान
समुद्री तल से 6,365 ft ऊंचाई पर स्थित नथुखान प्रकृति के सौंदर्य को देखने के लिए बेहतरीन जगह है। प्राकृति के भव्य दृश्यों से परिपूर्ण नथुखान आपके दिमाग को असीम शांति प्रदान करेगा। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि पर्यटक इस जगह की सादगी का आनंद उठा सकते हैं।

मुक्तेश्वर
इस जगह का नाम यहां पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के नाम पर रखा गया है। मुक्तेश्वर से नंदादेवी, नंदकोट त्रिशूल एंव पंचाचूली की चोटियां आसानी से दिखाई देती है। पर्यटक यहांRock climbing, rappelling एंव फल चुनने जैसी चीजें कर सकते हैं।

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