इलना के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील डांग ने कहा लघु और भाषाई समाचार पत्र संचालकों की समस्याओं के समाधान हेतु?

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नई दिल्ली 19 अगस्त। केंद्र और प्रदेश के सूचना मंत्रालय पूर्व की भांति सरकारी विज्ञापन अखबारों को तीन वर्गों में विभाजित कर नियमानुसार देना शुरू करें और उसमें किसी भी रूप में लघु और भाषाई समाचार पत्र संचालकों को दिये जाने वाले विज्ञापनों में कोई कटौती नहीं होनी चाहिए।

उक्त शब्द इलना के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आईएनएस के कोषाध्यक्ष रहे तथा प्रेस काॅंसिल और प्रसार भारती बोर्ड के सदस्य रहे श्री सुनील डांग ने इस संदर्भ में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में कहे। श्री डांग ने कहा कि वह शीघ्र प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय सूचना मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर सहित सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को मेल और पत्र भेजकर इस संदर्भ में मांग करने के अतिरिक्त शीघ्र समाचार पत्र संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय सूचना मंत्री से मिलेंगे और उनके समक्ष विस्तार के साथ लघु और भाषाई समाचार पत्रों के संचालकों के समक्ष आ रही कठिनाईयों के समाधान की मांग करेंगे। श्री डांग का कहना है कि सरकारें जो समाचार पत्र नियमित रूप से निकल रहे है उन सबकों कागज का कोटा दें जिस पर किसी प्रकार का कोई टैक्स न हो जीएसटी समाप्त करे और युवाओं का समाचार पत्र संचालन में रूझान बढ़े इसलिए इस क्षेत्र में कुछ सुविधाएं देने की घोषणा भी सरकार को करनी चाहिए। बताते चलें कि श्री सुनील डांग जब इलना के अध्यक्ष थे तो उनके द्वारा पत्रकारों की काफी समस्याओं का समाधान कराने हेतु मंत्री और अधिकारियों से मुलाकात की व्यवस्था की जाती रहती थी। श्री सुनील डांग ने डीएवीपी और आरएनआई के अधिकारियों से मांग की है कि वह अब लघु एवं भाषाई समाचार पत्र संचालकों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न बंद करें।

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श्री डांग का कहना है कि अब वह अपने साथियों लघु और भाषाई समाचार पत्र संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र सक्रिय होकर काम करेंगे और इस हेतु जल्द ही देश की राजधानी दिल्ली अथवा जहां पुराने सहयोगी चाहेंगे वहां एक सम्मेलन या गोष्ठी आयोजित कर सबके विचार जानेंगे और इससे पूर्व छोटी-छोटी चर्चा आयोजित की जायेंगी। तथा इस क्षेत्र में सक्रिय मठाधिशों को हटाने और सही मायनों में लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ लघु और भाषाई समाचार पत्र संचालकों को आगे लाया जायेगा।

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