पीएम की योजनाओं की सफलता हेतु आसानी से बनें आधार कार्ड

15
loading...

आधार कार्ड कई मामलों में सुविधाजनक है और इसे बनवानें की सरकार की योजना को सकारात्मक भी कहा जा सकता है, लेकिन जिस प्रकार से इसे आसानी से बनवाने के सपने दिखाए गए थे, वो किसी भी स्तर पर पूरे होते नजर नहीं आ रहे। इसमें गलती किसकी है और दोषी कौन है यह एक अलग बात है, लेकिन नौकरशाही के ऊपर यह काम छोड़ा जाना जनता के लिए मुसीबत बनता जा रहा है।
पहले मौहल्लों में कैंप लगाकर आधार कार्ड बनवाये जा रहे थे फिर कुछ लोगों को एजेंसियां दी गई जो थोड़े से पैसे लेकर आधार कार्ड बनवा देते थे। उसमें फर्जी कार्ड बनने के मामले सामने आए जो गलत थे और उन पर रोक लगाना जरूरी था। मगर जैसा कि हर मामले में होता है। नौकरशाहों ने जनता की समस्याओं को ध्यान में रखकर यह व्यवस्था बंद कर दी। नए कार्ड बनाने और पुराने कार्ड सही कराने का काम बैंकों और डाकघरों को दे दिया गया। परिणामस्वरूप जैसा कि से हमेशा होता है एक अच्छी योजना जो जनहित की थी वो आम आदमी के लिए परेशानी का कारण तो बन ही गई आर्थिक नुकसान का कारण भी बन रही है क्योंकि बैंकों में पुराने कार्ड सही कराने के लिए भी टोकन लेना पड़ता और तय समय पर जाना पड़ता है और अगर उस दौरान सर्वर या कंप्यूटर में कोई खराबी हुई तो पुन वही प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। ऐसा ही कुछ नए आधार कार्ड बनवाने के बारे में बताया जाता है जिस कारण से सुविधा और लाभ के लिए जारी योजना जान का बवाल और बीरबल की खिचड़ी बनकर रह गई। जिम्मेदार अफसर तो सरकार को इस कठिनाई के बारे में बताते नहीं और श्री नरेंद्र मोदी जी तथा अमित शाह साहब व राजनाथ सिंह जैसे भाजपा नेताओं के द्वारा किए जाने वाले कार्यांे और लिए जाने वाले निर्णयों के दम पर चुनाव जीतकर आने वाले जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता पता नहीं ऐसी समस्याओं से जनता को निजात दिलाने के लिए कोई प्रयास करने हेतु सब मिलकर आगे क्यों नहीं आ रहे यह तो वही जाने लेकिन फिलहाल आधार कार्ड बनवाना आम आदमी की तो बात दूर खास के लिए भी लोहे के चने चबाने के समान हो गया है। इसके जीते जागते उदाहरण आए दिन बैंकों में देखने को मिल जाते हैं और बड़े मामले के रूप में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आधार कार्ड बनवाना कितना कठिन हो गया है को देख सकते हैं क्योंकि आधार कार्ड बनाने के लिए पर्याप्त केंद्र नहीं हैं। यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों के लोगों को अलसुबह रोटी की पोटली बांधकर मुख्यालय तक आना होता है। वहीं प्रशासन ने आधार कार्ड संबंधी समस्या को जल्दी निपटाने की बात कही है। जिला मुख्यालय के मुख्य डाकघर पर सुबह से आधार कार्ड बनवाने वालों की कतारें देखी जा सकती हैं। वर्तमान में सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने से लेकर स्कूलों में दाखिला लेने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता है। शहर और आसपास के गांव की लगभग डेढ़ लाख की आबादी की पहुंच में डाकघर सबसे नजदीकी स्थल है, जहां से आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। भीमपुर, दामजीपुरा, चिरापाटला की सुखिया बाई, देवकी बाई, रमकू का कहना हैं कि वे अपने बच्चों के साथ सुबह पांच बजे रोटी की पोटली बांधकर आधार कार्ड बनवाने यहां पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड बनवाने के लिए पहले टोकन दिए जा रहे हैं। टोकन में किस दिन आना है, यह लिखा होता है। टोकन लेने के बाद नियत तिथि पर जाकर आधार कार्ड बनवाना होता है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने पहले आकर टोकन ले लिया था, इसलिए आधार कार्ड बनवाने आए हैं। वे झोले में रोटी लेकर आए हैं, क्योंकि यह आधार कार्ड उनके लिए जरूरी जो हो गया है। ग्रामीण और बच्चों को आधार बनवाने में कितनी परेशानी हो रही होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। जिलाधिकारी तेजस्वी एस. नायक ने कहा, आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग परेशान हो रहे हैं, इसकी जानकारी मुझे है। आने वाले दिनों में शीघ्र ही लोगों को इस परेशानी से निजात मिले, इसके प्रयास होंगे। बैतूल जिले की आबाद लगभग 15 लाख है, जिसके कार्ड बनाने की जिम्मेदारी गिनती के केंद्रों पर है, वहीं जिला मुख्यालय की लगभग डेढ़ लाख की आबादी के कार्ड बनाने का जिम्मा एक केंद्र पर है। वहीं, जिला लोकसेवा प्रबंधक मनीष वरवड़े ने स्पष्ट किया है कि जिले की जनपद पंचायत कार्यालय भैंसदेही, भीमपुर, प्रभातपट्टन, नगरपालिका आमला एवं मुलताई सहित लोकसेवा केंद्र शाहपुर और प्रभातपट्टन में आधार कार्ड पंजीयन एवं सुधार संबंधी कार्य किया जा रहा है। मेरा मानना है कि केंद्र सरकार के आधार कार्ड से संबंध मंत्रालय को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जनहित के कार्यों को बढ़ावा देने और हर काम में ईमानदारी और नियमों का पालन कराने की भावना को ध्यान में रखते हुए आधार कार्ड सुविधा से बने ऐसी व्यवस्था जनहित में तुरंत की जानी चाहिए।

इसे भी पढ़िए :  आयुष्मान भारत योजना में घपला करने वाले अफसरों की सेवाएं हो समाप्त

 

– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

sixteen + sixteen =