अमरिंदर सिंह से टकराव के चलते, नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस सरकार से दिया इस्तीफा

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नई दिल्ली, 14 जुलाई।     नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसा माना जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफा देने की वजह उनके और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बीच काफी समय से चले आ रहे मतभेद हैं. उन्होंने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को मिलकर अपना इस्तीफा सौंपा है. बता दें बीते शनिवार को कैबिनेट मंत्री ब्रम्हा मोहिंद्रा ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी सिद्धू से अपील की थी, कि वह ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार संभाल लें, लेकिन CM कैप्टन अमरिंदर सिंह से नाराज सिद्धू ने पद संभालने के बजाय इस्तीफा देना सही समझा और राहुल गांधी से मिलकर अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया.

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सिद्धू ने ट्विटर अपने इस्तीफे को सार्वजनिक करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने 10 जुलाई को ही अपना इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसका खुलासा आज किया है. बता दें मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच मनमुटाव चला आ रहा था, लोकसभा चुनाव में भी CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस को अच्छी संख्या में सीट न मिलने का ठीकरा नवजोत सिंह सिद्धू पर ही फोड़ दिया था, जिसके बाद दोनों के बीच तल्खी और भी ज्यादा बढ़ गई थी. सिद्धू ने एक अन्य ट्वीट के जरिए साफ किया है कि उन्होंने अभी तक मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना इस्तीफा नहीं भेजा है, वह जल्द ही अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेज सकते हैं.

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https://twitter.com/sherryontopp/status/1150291448715022337/photo/1

वहीं मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह कैबिनेट सहयोगी नवजोत सिंह सिद्धू से मतभेद के बीच शनिवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल से मिले थे. पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी थी कि सिद्धू इस माह की शुरुआत में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी एवं अहमद पटेल से भी मिले थे. पटेल को अमरिंदर और सिद्धू के बीच मतभेद दूर कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ऐसे में सिद्धू का इस्तीफा पंजाब कांग्रेस की आंतरिक कलह का सीधा उदाहरण है.

बताते चलें की अमरिंदर ने 6 जून को मंत्रिमंडल फेरबदल में सिद्धू से शहरी निकाय के साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग वापस ले लिए थे और उन्हें ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा था. अमरिंदर ने सिद्धू से विभाग वापस लेते हुए उनके खराब प्रदर्शन को जिम्मेदार ठहराया था. ऐसे में मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे. मंत्रीमंडल में हुए फेरबदल के एक महीने बाद भी सिद्धू ने मंत्री पद का प्रभार नहीं संभाला था.

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