दलालों पर रेलवे का ऑपरेशन थंडर, 387 गिरफ्तार, 50 हजार लोगों के टिकट रद्द

14
loading...

नई दिल्ली, 15 जून. रेलवे में अवैध तरीके से टिकट की कालाबाजारी करने वाले दलालों पर रेल पुलिस ने अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई की। रेलवे ने देश के 16 जोन के 205 शहरों में एक साथ आॅपरेशन थंडर चलाया और 387 दलालों को हवालात का रास्ता दिखाया। इन दलालों के पास से करीब 37 लाख रुपए के 22 हजार 253 टिकट बरामद हुए हैं, जिनपर हफ्ते भर में करीब 50 हजार लोग सफर करने वाले थे। गलत तरीके से बुक किए गए इन टिकटों को रेलवे ने रद्द कर दिया है।

दलाल टिकट के एवज में लोगों से किराए के अलावा 200 से लेकर 5000 रुपए तक कमीशन लेते थे। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने आॅपरेशन थंडर के बाद 375 केस दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान कई दलाल दुकान तक छोड़कर भाग निकले। आरपीएफ की जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए 387 दलालों ने करीब 3.79 करोड़ के टिकट की कालाबाजारी की थी। दलाल जिन आईडी से ये टिकट बनाते थे, उन्हें बंद करके 37 लाख रुपए के टिकट रद्द कर दिए गए हैं।

इसे भी पढ़िए :  महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन में बुराई क्या है

दिल्ली, भोपाल, जयपुर, भागलपुर में बड़ी कार्रवाई
रेलवे पुलिस के साथ साइबर सेल और आईटी सेल ने मिलकर दिल्ली, भोपाल, जयपुर, भागलपुर, जबलपुर, अंबाला, मुगलसराय समेत देश के 205 शहरों में छापेमारी की।

आईटी और साइबर सेल के 500 विशेषज्ञों की थी नजर
आॅपरेशन थंडर चलाने के लिए रेलवे ने वैसे स्टेशनों का चयन किया, जहां से बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं और टिकटों की मारामारी रहती है। इन शहरों में दलालों का बड़ा नेटवर्क था, जिनपर पिछले छह महीने से आईटी और साइबर सेल के 500 विशेषज्ञों की नजर थी। आरपीएफ के महानिरीक्षक (आईजी) अरुण कुमार के अनुसार, नवंबर 2018 में भी कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद सभी संदिग्ध दलालों पर रेलवे की नजर थी।

इसे भी पढ़िए :  NCP नेता नवाब मलिक का बड़ा बयान, 'महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री शिवसेना से होगा'

लाल मिर्ची के सहारे कंफर्म टिकट बुक करते थे दलाल
राजस्थान के शहरों से पकड़े गए दलाल टिकट बुक कराने के लिए लाल मिर्ची नाम के साॅफ्टवेयर का प्रयोग करते थे। इसकी मदद से वे पहले से ही यात्रियों के नाम, पता, उम्र वगैरह कंप्यूटर में भर कर रखते थे और रिजर्वेशन बुकिंग खुलते ही तुरंत आॅनलाइन कंफर्म टिकट बुक कर लेते थे। यह साॅफ्टवेयर मुंबई से खरीदा गया था और इसमें एक साथ कई टिकट बुक करने की सुविधा होती थी।

इसे भी पढ़िए :  प्रगति मैदान में 39वां इंडिया इंटरनेशनल ट्रेडफेयर शुरू, मंगलवार से पब्लिक को मिलेगी ENTRY

…और यहां पकड़ी गई दलालों की गलती
रेलवे टिकट दलाली पर पहले भी कार्रवाई करती रही है, लेकिन दलाल छूटने के बाद अलग यूजर आईडी बनाकर फिर से अपना धंधा शुरू कर देते थे। हालांकि वे एक गलती यह कर देते थे कि जिन पेमेंट गेटवे से पहले भुगतान करते थे, उसे नहीं बदलते थे। साइबर टीम उनके पेमेंट गेटवे के आधार पर दलालों के पूरे नेटवर्क को ट्रेस कर रही थी। इसी आधार पर इतनी बड़ी कार्रवाई संभव हुई और दलालों का एक बड़ा नेटवर्क ध्वस्त कर दिया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

14 + fourteen =