वृद्धों के लिए बने राष्ट्रीय आयोग

24
loading...

नई दिल्ली।वृद्धों के कल्याण के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) द एजवेल फाउंडेशन ने बुजुगरे की आर्थिक जरूरत को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय निधि बनाने तथा उन पर होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए महिला आयोग की तर्ज पर राष्ट्रीय आयोग के गठन की मांग की है।वृद्ध व्यक्तियों के कल्याण को समर्पित एनजीओ ‘‘द एजवेल फाउंडेशन’ के संस्थापक अध्यक्ष हिमांशु रथ ने कहा है कि देश में वृद्धों की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है और दिन-प्रतिदिन यह विकट रूप धारण कर रही है। इसलिए बुढ़ापे में व्यक्ति के सहारे के लिए राष्ट्रीय निधि का गठन होना चाहिए और उनके खिलाफ किए जाने वाले अत्याचारों से निपटने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की तरह से एक अलग आयोग का गठन किया जाना चाहिए।

एम्स की तरह अलग संस्थान बने : उन्होंने कहा कि व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, तो तरह-तरह की तकलीफें उसको सताने लगती हैं। बुढ़ापे में लोग स्वस्थ तथा निरोगी बने रहें और यदि किसी को कोई बीमारी हो तो उसका आसानी से इलाज किया जा सके, इसके लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की तरह अलग एक संस्थान की स्थापना होनी चाहिए जहां बुजुर्ग लोगों को अपना इलाज कराने में आसानी हो और उनको व्यापक स्तर पर स्वास्य संबंधी सारी चिकित्सा सुविधा मिल सके। इस संस्थान में बुढ़ापे में होने वाले रोगों के इलाज पर शोध भी होना चाहिए। रथ ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में नई खोजों के कारण व्यक्ति की औसत उम्र बढ़ रही है। ऐसे में बुढ़ापे में लोगों की तकलीफ कम की जा सके, इसके लिए बुजुगरे को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्घ कराने की बड़ी चुनौती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

6 − 1 =