आधार कार्ड बना जान का बवाल: बैकों के चक्कर लगाते जनता हुई परेशान, जनहित में आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने का काम प्राईवेट ठेकेदारों से ही कराया जाये

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हमारे देश और प्रदेशों की सरकारें चुनाव से पूर्व किये गये वायदों के तहत आम आदमी की सुविधा के लिए अनेकों कदम उठा रही है लेकिन उन्हे पूरा करने से सबंध सरकारी विभागों के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की कार गुजारियों से सरकार की एक अच्छी मंशा जनता के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है
इसके उदाहरण के रूप में बैंकों के माध्यम से बनने और अपडेट होने वाले आधार कार्डो को देखा जा सकता है। जानकारी अनुसार पहले आधार कार्ड प्राईवेट लोगो के माध्यम से ठेका देकर बनवाये जाते थे जो 50 से 100 रूपये तक लेकर आसानी से आधार कार्ड बना भी देते थे और अपडेट भी कर देते थे लेकिन यह शिकायत मिलने पर की इनके द्वारा कुछ फर्जी आधार कार्ड बनाये गये है सरकार के सबंधित विभाग द्वारा यह जिम्मेदारी बैकों पर डाली गयी की वो आधार कार्ड बनाये व अपडेट करे और इसके लिए कुछ पत्रावलियां निधारित की गयी। यहां तक तो सब ठीक था लेकिन बैंक कर्मियों एक तो पहले से ही काम ना करने के लिए विवादित रहते है ऊपर से यह जिम्मेदारी उन पर और डाली दी गयी परिणाम स्वरूप जो आधार कार्ड पहले 1 घंटे में बन जाता था उसके लिए अब कई कई घंटे इंतजार करना पड़ता है और इससे पहले कागजी खाना पूर्ति और टोकन लेने के लिए अलग से चक्कर काटने पड़ते है ओर इस प्रक्रिया में काम वाले व्यक्तियों और खासकर हमारे नौजवान युवक युवतियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योकि एक तो समय खराब हो रहा है दूसरे इस कार्य की वजह से उनका आर्थिक नुकसान भी होता क्योकि काम छोड़कर आना पड़ता है।
मुझे लगता है की जनता की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) आधार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के बाद इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आम आदमी की कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने का काम पुन प्राईवेट व्यक्तियों से ठेके प्रथा पर ही कराने की शुरूआत करनी चाहिए। जहां तक इनके माध्यम से फर्जी आधार कार्ड बनने की सम्भावना अगर है तो उसे समाप्त करने के लिए जो पत्रावली पहचान पत्र बैंकों में इसके लिए लगाये जाते है उन्ही को प्राईवेट ठेकेदारों के लिए भी अनिवार्य कर देना चाहिए की वो इन्हे देखकर ही आधार कार्ड बनायेगे।
क्योकि बैंक में पहले टोकन लेने हेतु लाईन लगाओं और फिर जो तारीख उनके द्वारा दी जाती है उस पर जाना अनिवार्य है और वहां जाकर कभी कभी पता चलता है की सर्वर डाउन है या आज संबधित कर्मचारी नही है इसलिए अब फला दिन आना इन सभी समस्याआंे का सिर्फ एक ही समाधान नजर आता है की यह काम प्राईवेट हाथों में दिया जाये और कोई फर्जी वाड़ा ना हो सके। इसके लिए यह पहचान पत्र या इनमें से कुछ अनिवार्य किये जा सकते है।
1. पैन कार्ड, 2. वोटर पहचान पत्र, 3. हाई स्कूल का प्रमाण पत्र, 4. जन्म प्रमाण पत्र, 5. बैक पासबुक, 6. पासपोर्ट आदि पहचान पत्रों में से कुछ दिखाना और संलग्न करना अनिवार्य करते हुए आधार कार्ड प्राईवेट व्यक्ति के माध्यम से ही जनहित में बनवाना सुनिश्चित किया जाये।

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– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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