दिल्ली वालों के लिए Weekend पर घूमने के लिए एकदम Perfect जगह है रानीखेत

5
loading...

रानीखेत भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थल है। यह राज्य के अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत स्थित एक फौजी छावनी है। देवदार और बलूत के वृक्षों से घिरा रानीखेत बहुत ही रमणीक हिल स्टेशन है। इस स्थान से हिमाच्छादित मध्य हिमालयी श्रेणियाँ स्पष्ट देखी जा सकती हैं। रानीखेत से सुविधापूर्वक भ्रमण के लिए पिण्डारी ग्लेशियर, कौसानी, चौबटिया और कालिका पहुँचा जा सकता है। चौबटिया में प्रदेश सरकार के फलों के उद्यान हैं। इस पर्वतीय नगरी का मुख्य आकर्षण यहाँ विराजती नैसर्गिक शान्ति है। रानीखेत में फ़ौजी छावनी भी है और गोल्फ़ प्रेमियों के लिए एक सुन्दर पार्क भी है।

इसे भी पढ़िए :  प्रधानमंत्री जी की योजना है जनहित की व सरकार के लिए लाभकारी, निजी क्षेत्रों से कुछ उपसचिव व निदेशकों की तैनाती व्यवस्था में सुधार में दे सकती है योगदान

कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर संग्रहालय
कुमांऊँ रेजीमेंट भारतीय सशस्त्र सेना का एक सैन्य-दल है, जिसकी स्थापना सन् 1788 में हुई। इसी कुमाऊं रेजिमेंट सेना का मुख्यालय रानीखेत में बना हुआ है। यहां जाने का एक्सपीरियंस काफी अलग था।

चौबटिया
रानीखेत का चौबटिया गार्डन पर्यटकों को इस हद तक मोहित कर है कि यहां पर्यटकों का डेरा लगा रहता है। हम भी घूमे चौबटिया। यकीनन यहां की खूबसूरत नजारों से पलक झपकानें की इच्छा नहीं हो रही थी। चौबटिया की खूबसूरती के दीवाने हुए ब्रिटिश वायसराय, लॉर्ड मेयो भी इसकी सुंदरता से इतना मंत्रमुग्ध थे कि उन्होंने 1868 में रानीखेत में एक ब्रेटिश छावनी स्थापित करने का फैसला किया।

इसे भी पढ़िए :  FIH series finals: भारत को सेमीफाइनल में देनी होगी कड़ी चुनौती, जापान से होगा मुकाबला

झुला देवी मंदिर
झुला देवी मंदिर रानीखेत शहर से 7 कि.मी. की दुरी पर स्थित एक लोकप्रिय पवित्र एवम् धार्मिक मंदिर है। यह मंदिर माँ दुर्गा को समर्पित है और इस मंदिर को झुला देवी मंदिर के नाम से जाना जाता हैं। हमने यहां के लोगों से मंदिर के बारे में पूछा तो स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मंदिर 700 वर्ष पुराना है। रानीखेत में स्थित झूला देवी मंदिर पहाड़ी स्टेशन पर एक आकर्षण का स्थान है। यह भारत के उत्तराखंड राज्य में अल्मोड़ा जिले के चैबटिया गार्डन के निकट रानीखेत से 7 किमी की दूरी पर स्थित है। वर्तमान मंदिर परिसर 1935 में बनाया गया है।

इसे भी पढ़िए :  आधार कार्ड बना जान का बवाल: बैकों के चक्कर लगाते जनता हुई परेशान, जनहित में आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने का काम प्राईवेट ठेकेदारों से ही कराया जाये

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

11 − five =