Parents Alert! ‘ऑनलाइन बुलिंग’ से डिप्रेशन का शिकार होते हैं बच्चे, जो बन सकता है आत्महत्या का कारण

7
loading...

न्यूयॉर्क । माता-पिता ध्यान दें, जो किशोर ऑनलाइन बुलिंग, बदमाशी के शिकार होते हैं उन्हें कम नींद और डिप्रेशन का सामना करना पड़ता है। एक अध्ययन ने इस बात को लेकर चेताया है। साइबर शिकार और नींद की गुणवत्ता के बीच संबंध का पता लगाने के लिए कुछ अध्ययनों में से एक में बफेलो विविद्यालय की अनुसंधान टीम ने 800 से अधिक किशोरों के बीच ऑनलाइन बुलिंग और अवसाद के बीच संबंधों की जांच की।

इसे भी पढ़िए :  ध्यान करना हर किसी के लिए सुखद नहीं : अध्ययन

बफेलो विवि से पीएचडी के छात्र मिशोल क्वोन ने कहा, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर साइबर उत्पीड़न सहकर्मी उत्पीड़न और किशोरों के बीच उभरती मानसिक स्वास्य चिंता का एक अनूठा रूप है। क्वोन ने कहा कि 15 प्रतिशत अमेरिकी हाई स्कूलों के छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तंग किया जाता है। गंभीर स्तर पर स्कूल में प्रदर्शन से लेकर, रिश्तों में दूरियां और यहां तक की आत्महत्या का कारण भी डिप्रेशन बन सकता है।

इसे भी पढ़िए :  खाना खाते ही सो जाते हैं आप, तो हो सकते हैं गंभीर रूप से बीमार

अमेरिका के किशोर स्वास्य के कार्यालय के अनुसार, लगभग एक तिहाई किशोरों में अवसाद के लक्षण अनुभव हुए हैं, जिनमें नींद के पैटर्न में बदलाव के अलावा, लगातार चिड़चिड़ापन, क्रोध और सामाज से कटाव शामिल हैं। 8 से 12 जून तक टेक्सास में एसएलईईपी 2019 सम्मेलन में अध्ययन को प्रस्तुत किया जाएगा।

इसे भी पढ़िए :  ध्यान करना हर किसी के लिए सुखद नहीं : अध्ययन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

4 − four =