एनडीए के 36 दलों ने श्री नरेन्द्र मोदी में जताया विश्वास, पीएम ने सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा गठबंधन बन गया है परिवार

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अभी 17वीं लोकसभा के गठन हेतु हुए चुनाव की मतगणना होनी है उसके बाद जब परिणाम निकलकर आयेगे तो स्पष्ट पता चल पायेगा की केन्द्र में सरकार श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के सहयोगी दलों की बनेगी या विपक्षी दलो के सहयोग से राहुल गांधी की अभी निवार्चित होने वाले सांसदों का भविष्य ईवीएम मशीनों में बंद है लेकिन आशा और सम्भावनाओं पर ही भविष्य की रूप रेखा तैयार की जाती है शायद इसी दृष्टिकोण से जहां भाजपा और उसके सहयोगी दल तथा कांगे्रेस और उसके सहयोगी दल सक्रिय हो गये है और अपनी कार्यनीति तैयार कर रहे है की किन परिस्थितियों में क्या क्या किया जा सकता है।
21 मई की रात्रि को ग्रह मंत्री राजनाथ सिंह शिव सेना प्रमुख उद्वव ठाकरे, बीमार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल, अन्नाद्रमुखक नेता पलानासामी, लोजपा नेता राम विलास पासवान, रामदास आठवले नीतिन गडकरी आदि की उपस्थिति में देश की राजधानी दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 36 सहयोगी दलों के नेताओ की बैठक हुई और उन्होने श्री नरेन्द्र मोदी जी पर पूर्ण भरोसा जताया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा की गठबंधन अब परिवार बन गया है लगभग दो घंटे चली बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा की एनडीए देश के लोगो की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है मोदी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों का आभार भी जताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, एनडीए क्षेत्रीय हितों का ख्याल रखने वाला एक मजबूत स्तंभ बन कर उभरा है सार्वजनिक जीवन के जाति पाती जैसे कुछ नेरेटिव्स को बदलने की जरूरत है। गरीबी सबसे बड़ी जाति है। और उसका समाधान सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके साथ ही राजग क्षेत्रीय विकास के असंतुलन को दूर करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। मोदी ने कहा की उनका लक्ष्य सत्ता हासिल करना कभी नही रहा। वे नए भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। चुनाव में कार्यकर्ताओं की मेहनत और खासकर पश्चिम बंगाल की हिंसा को लेकर वह कुछ मौकों पर भावव्हिल भी हुए।
इस बैठक में तीन सहयोगी दलों के नेता नही पहुंच पाये लेकिन खबर के अनुसार उनके द्वारा अपना लिखित समर्थन भेजा गया इस अवसर पर श्री राजनाथ सिंह, नीतिन गडकरी, रामविलास पासवान, हरसिमरत कौर बादल आदि ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने भाजपा की जीत का श्रेय श्री नरेन्द्र मोदी को दिया इसके अतिरिक्त सरकार बनने पर क्या क्या योजनाएं लागु की जाये इस पर तो चर्चा हुई ही प्रधानमंत्री द्वारा उच्च अधिकारियो से भी बैठक के बाद विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श ओर जानकारी ली गयी बतायी जा रही है।
कुल मिलाकर यह कहां जा सकता है की अगर एक्जिट पोल के अनुसा चुनाव परिणाम भाजपा और उसके सहयोगी दलों के समर्थन में निकले तो अगले पांच साल के लिए श्री नरेन्द्र मोदी को दल का नेता ओर प्रधानमंत्री चुना जाना लगभग तय है और क्योकि बीते पांच सालों के कार्यो के प्रति भी सभी ने अच्छी राय व्यक्त की है इसलिए यह कहा जा सकता है की अब 2024 तक श्री नरेन्द्र मोदी स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने और काम करने के लिए अधिकृत होगे तथा जिसें उनका आर्शीवाद प्राप्त होगा वो खुलकर राज करेगा।
बताते चले की आखिरी चरण के मतदान के उपरांत श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आरएसएस के कुछ नेताओं से भी शायद विचार विमर्श कर आगे की रणनीत का मार्ग प्रस्त किया जा चुका है।
2019 के इन चुनावों में एक बात जो अभी तक उभर कर आ रही है वो यह लगती है की सरकार कोई भी बनाये और चलाये निरंकुश नही हो पायेगा क्योकि इस बार सत्ता के साथ साथ विपक्ष भी मजबूत होगा ओर अगर श्री अरूण जेटली साहब जैसे मंत्रियों द्वारा 2014 में मंत्री बनने के बाद सूचना ओर वितमंत्रालय में जो निरंकुश निर्णय लिये गये वो शायद अब नही लिये जा सकेगे।

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– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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