क्षेत्रीय दलों के सहयोग से सरकार बनी तो

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लोकसभा चुनाव के पहले चरण में जिस प्रकार से वोट पड़े और मतदाताओं ने किसे वोट दिया इसके प्रति चुप्पी साधी गई है लेकिन उम्मीदवारों और राजनैतिक दलों के नेताओं द्वारा जो आंकड़े अपनी जीत और समर्थन के पेश किये जा रहे है तथा क्षेत्रीय दलों के नेता जो कह रहे है उसे सुनकर तो यह अहसास हो रहा है की अभी स्थिति पूरी तौर पर स्पष्ट नही है कि कहां से कौन जीतेगा आंकड़े बाजी भले ही सब कर रहे हो।
अपने देश में जब से कांग्रेस पार्टी का मतदाताओं से असर कम हुआ है तथा मुस्लिम और दलित तथा ब्राहमण वोट धीरे धीरे उससे दूर हुए है तब से कम या ज्यादा देश में पूर्ण बहुमत आने के बावजूद भी राजनैतिक दलों के द्वारा मिली जुली सरकारें ही बनायी गयी है क्योकि चुनाव से पूर्व जिन क्षेत्रीय और छोटे दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ा जाता है जितने पर उनके विजय प्रत्याक्षियों को भी सरकार में प्रतिनिधित्व देना पड़ता है इसलिए मिली जुली सरकारें बनना तो अब सा हो गया है कांग्रेस हो या भाजपा कोई भी अकेले अपने दम पर 17वीं लोकसभा के लिए सरकार का गठन शायद नहीं कर पायेगी।
देश के 543 लोकसभा क्षेत्रों में एक अनुमान अनुसार नेताओं की सोच है की 180 के लगभग सीटों पर क्षेत्रीय दलों का कब्जा हो सकता है और अगर ऐसा होता है तो बची 363 सीटों में से भाजपा या कांग्रेस अकेले या अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पूर्ण बहुमत में आती है तो ठीक है वरना त्रिरकुंश सरकार बनने की स्थिति पैदा हो सकती है।
वैसे तो सर्वेक्षण हमेशा सही नही होते है लेकिन जो आंकड़े अभी तक निकलकर आ रहे है उसके हिसाब से 2014 में भाजपा ने जितनी सीटें जीती थी उतनी शायद अब ना जीत पाये ऐसे में या तो सरकार गठन से पूर्व कांग्रेस अथवा भाजपा सरकार बनाने लायक सीटे जुटाये अथवा क्षेत्रीय दलों को मिलाकर सरकार बनाना मजबूरी होगी। ऐसी सरकारें सफलता से ना चलती हो ऐसी बात तो नही है। मगर जो दल उसमें शामिल होते है। वो दवाब बनाते है ऐसे में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की नेतृत्व की क्षमता प्रभावित होती है।
अभी पहले चरण का मतदान सम्पन्न हुआ है कई चरण बाकी है मेरा मानना है कि देशहित में मजबूत सरकार और विपक्ष के लिए मतदाता खूब सोच समझकर अपने मन की आवाज पर वोट दे जिसे मर्जी हो मगर त्रिकुंश लोकसभा की स्थिति पैदा ना हो तो अच्छा है।

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– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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