कांग्रेस से प्रमोद कष्णम् के आने की है चर्चा, नवाबो की नगरी लखनऊ से राजनाथ सिंह ने किया नामांकन, 8 लाख के वोट बैक के साथ पूनम सिन्हा हो सकती है सपा उम्मीदवार। विपक्ष हो सकता है एकजुट

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उप्र की राजधानी लखनऊ में लोकसभा का चुनाव इस बार जहां कांटे की टक्कर वाला होगा रोचक भी बना रहेगा क्योकि जहां यहां से दूसरी बार केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह चुनाव मैदान में है वही फिल्म स्टार और पटना से कांग्रेस टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ रहे शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी और फिल्म स्टार सोनाक्षी सिन्हा की मां पूनम सपा उम्मीदवार हो सकती है तो अमरोहा में स्थित कलिंग आश्रम के आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकते है।
यहां नामांकन की 18 अप्रैल कल अंतिम तिथि है राजनाथ सिंह भाजपा नेता ओर कार्यकर्ताओं की भारी फौज के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडे और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कलराज मिश्र, उप्र के उपमुख्यमंत्री श्री दिनेश शर्मा आदि की उपस्थिति में नामांकन कर चुके है तो सपा मुखिया श्री अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिंपल यादव की उपस्थिति में पूनम सिन्हा सपा संस्थापक श्री मुलायम सिंह यादव का आर्शीवाद लेकर गत दिवस सपा में शामिल हो गयी यह समझा जाता था कि कांग्रेस द्वारा एक सीट सपा के लिए छोड़ने की जो बात कही गयी थी उसके तहत लखनऊ में वो सपा उम्मीदवार को मजबूती देने और भाजपा के गढ़ को ध्वस्त करने के लिए यहां उम्मीदवार नहीं खड़ा करेगी।
लेकिन प्रमोद कृष्णम को उसके द्वारा उम्मीदवार घोषित किये जाने से फिलहाल पस्थिति त्रिकोणीय सी हो गई लगती है। मगर क्योकि कांग्रेस में शामिल होने से पूर्व शुत्रघन सिन्हा सपा मुखिया अखिलेश यादव से लखनऊ में मिल चुके थे और अब काग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है। इसलिए ये उम्मीद की जाती है कि अन्तिम समय में शायद प्रमोद कृष्णम को लड़ाने की बजाए कांग्रेस पूनम सिन्हा को अपना समर्थन दे देगी जिससे यहां भाजपा से विपक्षी उम्मीदवार का सीधा मुकाबला हो सके।
क्योकि पूर्व में आचार्य प्रमोद कृष्णम् कांग्रेस के टिकट पर सम्बल से चुनाव लड़े थे तब उन्हे 2014 में 16000 वोट और पांचवा स्थान प्राप्त हुआ था।लेकिन अपनी हिन्दु समर्थक छवि विकसित करने के दृष्टिकोण से कांग्रेस उन्हे कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को छŸाीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में हुए विधान सभा चुनावो में स्टार प्रचारक के रूप में उतार चुकी है। लेकिन यहा समस्य यह है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम के मित्र के रूप में चचित श्री शिवपाल यादव भी अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी लोहिया का उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में उतार चुकी है। ऐसे में वोटो को आकर्षित करने में प्रमोद कृष्णम् सफल होगे ऐसा लगता नही है। जबकि पूनम सिंहा को लगभग 3 लाख मुस्लिम वोट जो सपा और बसपा के कहलाए जाते है तथा 4 लाख कायस्थ एव सवा लाख सिन्धी लगभग 8 लाख का वोट बैंक अपने साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी ऐसी सम्भावनाए व्यक्त की जा रही है क्योकि शुत्रघ्न सिन्हा कायस्थ तथा पूनम सिन्हा सिन्धी परिवार से सम्बन्धित है।
इसलिए बीते 28 साल से लखनऊ लोकसभा सीट पर भाजपा के चले आ रहे कब्जे को चुनौती देकर नवाबो की इस नगरी में विपक्ष पूनम सिन्हा के रूप में कब्जा जमाने की कोशिश कर सकता है। – जन चर्चा व मौखिक सूत्रो पर आधारित।

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– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

 

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