लोकसभा 2019: मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट गठबंधन के बावजूद मुस्लिम मतो पर कब्जे को लेकर हाजी याकूब, शाहिद मंजूर व शाहिद अखलाक में हो सकता है वर्चस्व हेतु राजनैतिक संग्राम

268
loading...

लोकसभा 2019 के चुनाव घोषित हो गए हैं। पूरे देश में सात चरणों में मतदान होगा तथा 23 मई को चुनाव परिणाम आयेगें। मेरठ में 11 अप्रैल को मतदान होगा। ओर इसके लिये घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दलों के मेरठ हापुड लोकसभा क्षेत्र के संभावित उम्मीदवारों द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई है।
कांग्रेस सपा बसपा लोकदल से यहां टिकट मांगने वालों की लंबी लाईन है ओर अन्य दलों की उम्मीदवार भी जोर आजमाईश जरूर करेंगे। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। मगर यह लोकसभा चुनाव एक मामले में अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि इस सीट पर गठबंधन के उम्मीदवार की अभी अधिकारिक रूप से घोषणा तो नहीं की गई लेकिन बताया जाता है कि बसपा द्वारा जिन क्षेत्रों में प्रभारी तैनात किये गए हैं उन्हे ही चुनाव लड़ाया जा सकता।
अगर यह बात सही है तो मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र में प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी का चुनाव लड़ना पक्का है। और जिस प्रकार से वो धुंआधार तरीके से काम कर रहे है और कार्यकर्ता सम्मेलन उनके द्वाराकिये जा रहे हैं उससे यह बात लगभग स्पष्ट भी होती है।
आज भी उनके द्वारा एक सम्मेलन भवानी कोल्ड स्टोररेज के सामने हापुड रोड पर किया गया है। इसके प्रचार में बसपा मुखिया मायावती जी सपा मुखिया अखिलेश यादव और रालोद मुखिया अजित सिंह के फोटो के अतिरिक्त स्थानीय नेताओं के भी फोटो छापे गए हैं।
यहां के राजनीतिक घटनाक्रम और मुस्लिम राजनीतिक के प्रौद्धाओं की नीतियों और इनमे जारी वर्चस्व की लड़ाई किसी से छुपी नहीं हैं जिसका जीते जागते उदाहरण के रूप में यह चर्चा जोरों पर देखी जा सकती है कि मोहल्ला मछेरान के पीड़ितों को पहले हाजी शाहिद अखलाक द्वारा साढ़े तीन लाख रूपये की सहायता दी गई दूसरे दिन याकूब कुरैशी 25 लाख रूपये की सहायता देने पहुंचे। उसके ठीक बाद पूर्व सांसद और मेयर रहे शाहिद अखलाक 31 लाख रूपये देने की घोषणा वहां करके आये।
आज के आज के विज्ञापन में याकूब के सम्मेलन के विज्ञापन में ज्यादातर नेताओं के फोटो तो दिखाई दिये मगर बहुत छोटे लोकदल के विधायक रहे परवेज हलीम का चित्र कहंी नजर नहीं आया जबकि पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर और शहर विधायक रफीक अंसारी का छोटा सा फोटो विज्ञापन में नजर आ रहा है। जो आज चर्चा का विषय जागरूक नागरिकों के बीच बना रहा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का यह कहना भी सही है कि याकूब कुरैशी और शाहिद अखलाक कई बार एक हुए मगर बाद में मनमुटाव हुआ इस बार अभी तक सभी दलों के मुस्लिम नेता अपनी अपनी पार्टी के हाईकमान के इशारे पर खामोशी सादे हुए है ओर एक दूसरे के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे हैं।
टिकट क्योंकि अंतिम समय तक मिलते और कटते हैं इसलिये नामांकन तक तो शायद सब ठीक रहेगा मगर उसके बाद वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो सकती है और ऐसे में जैसा की हमेशा से देखने को मिलता रहा है अल्पसंख्यक मतदाताओं का रूझान उस उम्मीदवार की तरफ हो सकता है जो भाजपा प्रत्याशी केा हराने में समक्ष हो। और अगर ऐसा होता है तो कांगे्रस का उम्मीदवार इसका लाभ उठा सकता है।
यह किसी से छिपा नहीं है कि मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक ओर खासकर याकुब कुरैशी का प्रमुख क्षेत्र रहा है। तीनों ही यहां से चुनाव भी लड चुके हैं ऐसे में महागठबंधन हाजी याकुब कुरैशी को टिकट देता है तो शाहिद मंजूर भले ही शांत बने रहे लेकिन नीतिकारों का मानना है कि शाहिद अखलाक शायद चुप नहीं बैठेंगे क्योंकि चुनाव बाद अगले विधानसभा निर्वाचन तक बड़े नेता आपस में एक रहेंगे या नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा मगर जिसको टिकट नहीं मिला और दूसरे का समर्थन किया तो उसका तो राजनीतिक भविष्य ही लगभग हांस्य पर पहुंच जाएगा ओर ऐसा शायद कोई भी मुस्लिम नेता नहीं चाहेगा। चाहे वो परवेज हलीम हो या रफीक अंसारी मौहम्मद अब्बास हो या शहीद अखलाख क्योंकि यह सबको पता है कि कल तक एक दूसरे के प्रति कमियां निकालने का मौका न छोड़ने वाले जो अब गल भैयां करते घूम रहे कल को भी ऐसा करेगे इसकी क्या गारंटी है।

इसे भी पढ़िए :  भैया जी ! मंदी के दौर में बचें कर्ज लेने और खर्च बढ़ाने से

कुल मिलाकर मतदाताओ व पाठकों की इस राय से मै भी सहमत हुं की महागंठबंधन के बावजूद बसपा सपा और रालोद के मुस्लिम नेताओं के बीच सीधे सीधे या घुमा फिराकर अथवा सामने आमने या पर्दे के पीछे से मुस्लिम मतों पर कब्जें को लेकर हो सकती है वर्चस्व की जंग !

इसे भी पढ़िए :  प्रधानमंत्री जी, देश भर में हो मानसिक रोगियों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था

– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

eighteen + thirteen =