पूर्व सीईओ रमा रमण पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

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ग्रेटर नोएडा : अदालत के आदेश पर कासना कोतवाली पुलिस ने आईएएस अधिकारी और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व सीईओ रमा रमण समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उन पर अधिग्रहण किए बिना जमीन का आवंटन बिल्डर को करने का आरोप है। प्राधिकरण से न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित ने अदालत में अर्जी दाखिल की थी।

बिसरख के रहने वाले कुलदीप भाटी ने भ्रष्टाचार निवारण अदालत मेरठ में शिकायत की थी कि शशि पत्नी जियालाल एवं मुक्ता मोहिनी की ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जमीन थी। यह जमीन करीब 3550 वर्ग मीटर है। भू स्वामियों ने उसकी देखरेख जिम्मेदारी कुलदीप को दी थी। आरोप है कि उसकी भूमि को प्राधिकरण ने अधिग्रहण किए बिना बिल्डर को आवंटित कर दी। कुलदीप ने प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ रमा रमण, डीजीएम नियोजन मीना भार्गव आदि से जमीन वापस मांगी तो उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया।

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जमीन शिफ्ट होने वाले आदेश को प्राधिकरण के नए अधिकारियों ने मानने से इनकार कर दिया। यह मामला नहीं निपट पाया। जनवरी में वह अधिकारियों से मामले को निपटाने की मांग की तो उसने 20 लाख रुपये की मांग की। कुलदीप ने भ्रष्टाचार निवारण अदालत मेरठ में अर्जी दाखिल की। अदालत के आदेश के बाद कासना थाना पुलिस केस दर्ज कर लिया है।

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पुलिस ने तत्कालीन सीईओ व वर्तमान में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव रमा रमण, मीना भार्गव (वर्तमान में यमुना प्राधिकरण की महाप्रबंधक नियोजन), ऋतुराज ब्यास ग्रेटर नोएडा के नगर नियोजक, बिल्डर वैभव जैन व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अन्य संलिप्त अफसरों को नामजद किया है।

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