वायु प्रदूषण से नवजात शिशु को स्वस्थ रखने के Tips

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नई दिल्ली। वायु प्रदूषण से संबंधित समस्याओं के प्रति बच्चे अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं, शायद इसलिए कि वे बड़ों की तुलना में अधिक दर से सांस लेते हैं। जबकि शिशुओं के फेफड़े निश्चित रूप से प्रदूषकों से प्रभावित होते हैं, वे उनके विकासशील दिमाग को स्थायी नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। पहले से ही दिल, फेफड़े या दमा की समस्या वाले बच्चे ऐसी स्थितियों में अधिक जोखिम वाले होते हैं। यूनिसेफ द्वारा किए गए अध्ययनों के अनुसार, वायु प्रदूषण की वजह से दुनिया भर में हर साल में 600,000 बच्चों की मौत होती है।

अध्ययन में पाया गया कि यह छोटे बच्चों में मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकता है और साथ ही अन्य अंगों को भी हमारे कल्पना से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।विशेष रूप से महीनों को स्वास्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि वर्ष के इस समय के दौरान आमतौर पर स्मॉग, धुएं और कोहरे का मिशण्रके कारण वायु प्रदूषण खतरनाक दर से बढ़ जाता है। स्थिति के संदर्भ में काम करने के तरीके खोजने और अपने बच्चों को वायु प्रदूषण से बचाने के लिए सुझावों की तलाश करने के लिए माता-पिता के लिए यह समय महत्वपूर्ण होता है।

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जब हम जैसे वयस्कों के लिए वायु प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से प्रभावित हुए बिना रह पाना इतना कठिन होता है, तो नवजात शिशुओं के मामले में यह दृश्य और भी डरावना होता है, क्योंकि उनमें प्राकृतिक रूप से बेहद कम विकसित प्रतिरक्षा पण्राली होती है। इन बुनियादी युक्तियों का पालन करके, एक व्यक्ति अपने बच्चों के साथ-साथ अपने लिए भी बेहतर स्वास्य और रहने की अनुकूल स्थिति सुनिश्चित कर सकता है, वह भी एक ऐसे समय में जब दुनिया वायु प्रदूषण और दैनिक जीवन पर इसके प्रभावों का सामना करने के लिए संघर्ष कर रही है। वायु प्रदूषण से नवजात शिशु को स्वास्य रखने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अर्चना धवन बजाज के टिप्स अपनाकर आप भी अपने शिशु को स्वस्थ रख सकती हैं।

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खतरनाक है इनडोर वायु प्रदूषण भी : हम सभी जानते हैं कि हालांकि बाहरी वायु प्रदूषण खतरनाक है, लेकिन इनडोर वायु प्रदूषण भी कम नहीं है। वास्तव में, बच्चे इनडोर वायु प्रदूषण के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं। यह सच है कि बाहरी दुनिया प्रदूषित है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एक बच्चा घर के अंदर वायु प्रदूषण से पूरी तरह से प्रतिरक्षित है। अपने घरों के अंदर भी प्रदूषण मुक्त हवा प्राप्त करने के लिए उचित उपाय करने की आवश्यकता है। भारी पर्दे और अच्छे एयर प्यूरीफायर का उपयोग प्रदूषित हवा को आपके घर में प्रवेश करने से रोकने में मदद कर सकता है।

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बचें जहरीले पेंट्स से : जहरीले पेंट्स से बचने की आवश्यकता होती है, जिनमें वीओसी, वोलेटाइल ऑर्गेनिक कम्पाउंड होता है। इन पेंट द्वारा उत्सर्जित जहरीले धुएं बहुत लंबे समय तक रहते हैं। वीओसी के कारण सेहत पर अल्प और दीर्घकालिक प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं। ये एरोसोल स्प्रे, क्लींजर, कीटाणुनाशक, मॉथ रिपेलेंट और यहां तक कि एयर फ्रेशनर्स में भी पाए जाते हैं, इसलिए,वीओसी मुक्त उत्पादों का चयन करने की सलाह दी जाती है।

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