गोवा और केरल रह गए पीछे, ये शहर बना देश के एडवेंचर टूरिज्म का सबसे बड़ा गढ़

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पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड देश और दुनिया में अलग ही पहचान रखता है और अब Uttarakhand में दिनों दिन बढ़ रही साहसिक पर्यटन की गतिविधियों पर केंद्र सरकार ने भी मोहर लगा दी है. देशभर में साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में किए गए सर्वे में उत्तराखंड ने गोवा और केरल को पछाड़ते हुए पहले पायदान हासिल किया है. Indian Government के पर्यटन मंत्रालय ने तीर्थ नगरी Rishikesh को साहसिक पर्यटन की राजधानी घोषित किया, जो प्रदेश के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है.

Rishikesh को मिले सबसे ज्यादा वोट
Rishikesh का नाम यूं तो देश विदेश में योग और तीर्थ नगर के रूप में विख्यात है. लेकिन, अब इसे एडवेंचर टूरिज्म के कैपिटल के रूप में भी जाना जाएगी. दरअसल, 2018 को भारत सरकार ने एडवेंचर टूरिज्म ईयर घोषित किया था और देशभर में किए गए सर्वे में Rishikesh को साहसिक खेलों की राजधानी के रूप में सबसे ज्यादा वोट हासिल हुए.

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दूसरे और तीसरे नंबर पर गोवा-केरल
Rishikesh में सालों से राफ्टिंग होती आ रही है और अब बंजी जम्पिंग, फ्लाईंग फाक्स, रिवर क्रासिंग और पैराग्लाइडिंग गतिविधियां भी शुरू हो चुकी है. पूरे प्रदेश को साहसिक पर्यटन का केन्द्र पर्यटन मंत्रालय ने माना. एडवेंचर प्रेमियों की पसंद के मामले में गोवा दूसरे, जबकि केरल तीसरे स्थान पर रहा. सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि यह प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है और अगामी फरवरी महीने में प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय एशिया Pacific Travel Mart पाटा का भी आयोजन किया जाना है, जो Rishikesh में 13 से 15 फरवरी के बीच आयोजित किया जाएगा.

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सर्वे में सामने आया कि 25 प्रतिशत लोगों को ट्रैकिंग, 14 प्रतिशत लोगों को रिवर राफ्टिंग और 10 प्रतिशत लोगों ने बंजी जम्पिंग को पसंद किया है. राफ्टिंग को पसंद करने के पीछे रोमांच और टीम स्पिरिट प्रमुख कारण रहा. इस उपलब्धि से प्रदेश सरकार खासी उत्साहित नजर आ रही है. अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद सी रविशंकर ने कहा कि उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को और भी बढ़ाया जाएगा. इसके लिए राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग नीति भी तैयार की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में 9 दिवसीय माउंटेन बाइक एक्सपीडिशन आयोजित किया जाएगा, जो राज्य के 8 जिलों से होकर गुजरेगा और इसमें 564 किमी की दूरी तय की जाएगी. ये साइकिलिंग एक्सपीडिशन, साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया और पर्यटन विकास परिषद आयोजित करेगा, जिसका मकसद पहाड़ों में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देना होगा.

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