क्या केन्द्र सरकार चुनाव से पूर्व सवर्णो को 10 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था लागू कर पायेगी?

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केन्द्र सरकार की कैबिनेट बैठक में सवर्णो को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव पास किया गया। पहली नजर में अगर देखे तो यह बहुत अच्छी बात है क्योकि इससे सामान्य वर्ग के गरीबों का कम या ज्यादा भला होगा और इस प्रस्ताव को खुलकार कोई दल भी शायद नही कर पायेगा क्योकि किसी ना किसी रूप में ज्यादातर दलो के नेता स्वर्ण गरिबों को आरक्षण देने आदि की बात करते रहे है अब कहा जा रहा है की भूमिहीन किसान मुसलमान व ईसाई भी आरक्षण का लाभ प्राप्त कर पायेगे लेकिन यह भी अटल सत्य है की जब तक लोकसभा में प्रस्ताव पास नही होगा तब तक शायद आरक्षण लागु नही हो पायेगा।
आप पार्टी के सांसद संजय सिंह आदि का कहना है की सरकार विशेष सत्र बुलाये हम साथ देगे तो कांग्रेस के हरीश रावत अभिषेक मनु सिधवी रणदीप सिंह सुरजेवाल तथा दलित नेता प्रकाश आंबेडकर का मानना है की सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र प्रस्तुत किया है आरक्षण के रूप में तो आंबेडकर का कहना है की सरकार जानती है की अब वो आने वाली नही है। हरिश राउत कह रहे है की कुछ होने वाला नही है यह सिर्फ चुनावी जुमला है। तो नियमनुसार अभी सवर्णो के लिए आरक्षण लागु करने हेतु केन्द्र सरकार को कठिन डगर से होकर गुजरना पड़े़गा क्योकि इसमें कई कानुनी अर्चन सकती है तो अनकहे रूप में कुछ आरक्षण समर्थक भी इस मामले में कही ना कही अडंगा अटकाने की कोशिश कर सकते है। उसके बावजूद यह अच्छी बात है की चुनाव के दौरान आयी इस प्रस्ताव का स्वर्ण वोटों का ध्यान में रखते हुए कोई भी दल विरोध नही कर पायेगा। आवश्यकता इस बात की है की जिस प्रकार से जल्दी जल्दी में प्रधानमंत्री जी ने यह निर्णय कराया है उसी प्रकार से इसे लागु कराने का भी प्रयास उन्हे करना होगा क्योकि लोकसभा और राज्यसभा में मौजुद सदस्यों में से आधे से ज्यादा का समर्थन चाहिए बताते चले की पूर्व में पीबी नर्सिग राव की सरकार में 25 सिंतबर 1991 को आर्थिक तौर पर पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगो को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया था। मगर सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस आदेश को असंवैधानिक करार दे दिया गया था।
परिस्थितियां और स्थिति आज भी लगभग ऐसी ही है अब देखना यह है की शीत कालीन सत्र के समापन से पहले पास कराये गये प्रस्ताव को केन्द्र सरकार लागु करवा पाती है या नही लेकिन यह पक्का है की अगर 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले यह लागु नही हुआ तो केन्द्र सरकार और भाजपा को इससे फायद के स्थान पर नुकसान ही होगा क्योकि आज जिसे विपक्षी दल जुमला बता रहे है आम मतदाता भी उसे जुमला समझकर ही भुल जायेगा।

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– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – ऑल  इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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