16 किमी की दूरी तय करने में रेलवे को लग गए 37 साल

8
loading...

सोलह किलोमीटर का सफर… सीटी बजाती ट्रैक पर सरपट दौड़ती रेलगाड़ी को कई बुजुर्गों की आंखें बड़ी उत्सुकता से निहारती रहीं। कुनेरन स्थित यह माता चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन है। यहां से कुछ मिनटों की सड़क दूरी पर मां चिंतपूर्णी का शक्तिपीठ है। ट्रेन आगे बढ़ चुकी है, अब हिमाचल का फिलहाल अंतिम रेलवे स्टेशन दौलतपुर चौक आ गया है। महज सोलह किलोमीटर की दूरी तय करने में सैंतीस वर्ष का अरसा बीत गया।

करीब चार दशक के लंबे इंतजार के बाद हिमाचल के दौलतपुर चौक तक ट्रेन पहुंचने का सपना साकार हुआ और लोगों ने इस ट्रेन का स्वागत भी उसी अंदाज में किया। मंगलवार को करीब ग्यारह बजे जब अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन से नवनिर्मित रेलवे स्टेशन दौलतपुर चौक के लिए ट्रेन रवाना हुई तो ट्रैक के दोनों ओर इस रेलगाड़ी को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा अपनी टीम के साथ इस ट्रेन में मौजूद रहे।

इसे भी पढ़िए :  बाबरी मस्जिद मामले के अभियुक्त बने राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और महासचिव

अप्रैल 2018 में मिली थी सुरक्षा स्वीकृति
गौर हो कि इस रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य 1982 में शुरू हुआ था उसके बाद इसका निर्माण ठंडे बस्ते में चला गया। अब इसका अंतिम पड़ाव तलवाड़ा है, जिस तक पहुंचने के लिए रेलवे को अभी तीन वर्ष और लग सकते हैं। बहरहाल सोलह किलोमीटर इस लंबे रेल ट्रैक पर अंब से अब रोजाना हिमाचल एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन दौड़ेगी जिससे ऊना-नंगल, चंडीगढ़ और दिल्ली आदि जाने के लिए स्थानीय यात्रियों को सुविधा होगी।

सोलह किलोमीटर के इस ट्रैक के निर्माण की नींव बेशक 1982 में रख दी गई थी, लेकिन रेल सुरक्षा आयुक्त ने 14 अप्रैल 2018 को इसे स्वीकृति दी। 324.50 करोड़ की लागत से निर्मित इस ट्रैक के लिए 110.4227 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई। इस पर 10 बड़े पुल, 21 छोटे पुल, 14 रोड अंडर ब्रिज और सात रोड ओवर ब्रिज बनाए गए हैं, जिसमें एक भी फाटक नहीं है। इस पर दो क्रासिंग रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें पहला चिंतपूर्णी मार्ग और दूसरा दौलतपुर चौक शामिल है।

इसे भी पढ़िए :  महाशिवरात्रि के पवित्र पर्व पर CM योगी ने पीतेश्वरनाथ शिव मंदिर में किया जलाभिषेक

मोदी की आंधी को नहीं रोक पाएगा बुआ-बबुआ गठबंधन : सिन्हा
सिन्हा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यूपी में बुआ और बबुआ तो क्या किसी भी प्रकार का गठबंधन मोदी की आंधी को नहीं रोक सकता। हम चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में सभी दल इकट्ठे होकर भाजपा के खिलाफ लड़ें, लेकिन मुकाबले में छोटे-छोटे गठबंधन ही हो पा रहे हैं। 2014 में भाजपा व सहयोगी दलों ने 73 सीटें जीती थीं, इस बार उम्मीद है कि यह आंकड़ा 73 से बढ़कर 74 होगा।

इसे भी पढ़िए :  तमिलनाडु: CAA के​ खिलाफ बड़ा मार्च, भारी पुलिस बल की तैनाती

भाजपा ने किया रेल विस्तार : अनुराग
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार की हिमाचल के प्रति सद्भावना का नतीजा है कि हिमाचल में रेलवे विस्तार हो सका। अन्यथा कांग्रेस के राज में हिमाचल के रेल हितों को हमेशा धक्का ही लगा है। उन्होंने कहा कि हम हिमाचल के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ना चाहते हैं। आने वाले चार से पांच वर्षों में यह सपना साकार होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

two + ten =