बुलंदशहर गोकशी प्रकरण: आखिर सुमित और उसके परिवार की अवहेलना क्यो

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बुलंदशहर के चिगंरावटी में गोकशी को लेकर हुए बवाल में मारे गये इंस्पेक्टर सुबोध सिंह तथा युवा सुमित के मामले में सुमित के पिता और बहन बहनोई ने कोतवाल व पुलिस की गोली से हुई बेटे की मौत का आरोप लगाते हुए शहीद इंस्पेक्टर को दिये गये मुआवजें और परिवार के सदसय को नौकरी के समान ही मुआवजा और सुविधाओं की मांग की गयी है।
कहा जा रहा है की दोनो की मौत 32 बोर की पिस्टल से चली गोली से हुई। शहीद इंस्पेक्टर के परिवार को 18 हजार पुलिस कर्मियों द्वारा 1 करोड़ की मद्द दिये जाने की बात सामने आयी है। अगर ध्यान से देखे तो इसमें कोई हर्ज भी नही है। ऐसे मामलों में सहयोगियों को आगे आकर मद्द करनी ही चाहिए। अभी तक कही भी स्पष्ट नही हो रहा है की सुमित की मौत कैसे हुई उसका कोई अपराधिक इतिहास पता नही चल पाया है। पूरे प्रकरण में इंस्पेक्टर को तो हर तरफ से सराहा जा रहा है और परिवार को हर प्रकार का सहयोग देने की बात हर जगह पर कही जा रही है। लेकिन मुझे लगता है की अगर सुमित का कोई अपराधिक या समप्रदायिक इतिहास नही है तो उसके परिवार को भी वो सभी सुविधा और मुआवजा मिलना ही चाहिए वो भी किसी मां का बेटा था नौजवान था आगे चलकर परिवार के पालन पोषण का हिस्सा बनता। मौत दोनो की हुई एक ही मामले में हुई तो फिर सुमित की अवहेलना क्यो हो रही है। जनता के इस मत से मै भी पूरी तौर पर सहमत हुं और मुझेे लगता है की बुलंदशहर प्रसाशन और पुलिस को सुमित के बारे में पूर्ण विवरण से जनता को अवगत कराना चाहिए और उसके परिवार को सत्वाना देने के साथ साथ प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी उसके परिवार के लिए भी मुआवजें की करे घोषणा।

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– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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