सांसद जी ध्यान दीजिए! पीने के पानी बैठने की व्यवस्था और रोशनी है नहीं, बिना सूंड का सफेद हाथी बन कर रह गया है पासपोर्ट कार्यालय

21
loading...

मेरठ 7 दिसंबर। नौ माह पूर्व जब मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से वरिष्ठ सांसद श्री राजेंद्र अग्रवाल द्वारा उच्चाधिकारियों ओर जनप्रतिनिधियों तथा पासपोर्ट बनवाने के इच्छुक व्यक्तियों की मौजूदगी में कैंट स्थित मुख्य डांक घर परिसर में पासपोर्ट कार्यालय का शुभारंभ किया गया था। सब खुश थे कि अब स्थानीय स्तर पर पासपोर्ट बन जाएंगे। बाहर नहीं भागना पड़ेगा तो दूसरी ओर अफसरों और नेताओं ने भी बड़े बड़े दावे इस संदर्भ में किये थे। मगर कार्यालय तो खुल गया लेकिन पासपोर्ट बनवाना अत्यंत कठिन काम अभी अभी यहां नजर आता है।

गत गुरूवार को दिन भर लीज लाईन ठप रही। बीएसएनएल के अधिकारी शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं कर पाए। हंगामा होता रहा लेकिन हल कोई नहीं निकला। पासपोर्ट बनवाने के इच्छुक नागरिक हताश होकर इंतजार के बाद यहां से चले गए। कर्मचारी भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। बताया जा रहा है कि थ्री फेस कनेक्शन की बरेली से यहां के डांक विभाग के अधिकारियों को काफी समय से भी अनुमति नहीं मिल पाई है। मामला फाईलों में बंद होकर रह गया है। बिजली कब चली जाए बेटरी खराब होने की आशंका पैदा होने लगी है। मगर आशा की किरण कहीं से भी नजर नहीं आ रही है।

इसे भी पढ़िए :  सर्दियों में होठ फटने की समस्या से परेशान हैं तो अपनाएं यह टिप्स....

नागरिकों का मानना है कि पासपोर्ट का कार्यालय भी खस्ताहाल भवन में है। उसे बदला जाना चाहिये। तो यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं को दूर किये जाने की मांग उठती रहती है। कुछ दिन पूर्व भाजपा के युवा नेता तुषार गुप्ता ने यहां की स्थिति से उच्चाधिकारियों और विदेश मंत्रालय को अवगत कराने की बात कहीं थी। युवा उद्योगपति व व्यापारी मनीष प्रताप का कहना है कि यहां बिजली जाने के बाद काम काज ठप हो जाता है उसे सुधारा जाए। तो पासपोर्ट कार्यालय बिजली के थ्रीफेस कनेक्शन को लेकर प्रवर अधीक्षक डांक पीडी रैंगर वो ही सबकुछ फरमा रहे है जो अन्य मामलों में और विभागों के अफसर फरमाते हैं। पासपोर्ट बनवाने आए और निराश होकर जा रहे एक व्यक्ति का यह कथन बिल्कुल सही नजर आता है कि यह विभाग तो बिना सूंड का सफेद हाथ सिद्ध हो रहा है। अफसरों की तनख्वाह मिल रही है काम नहीं हो रहा। सांसद के प्रसायों से खुला दफतर बताया जाता है अब यह अपना काम करने में सक्षम है नहीं है यह आवेदन कों का कहना है। सांसद जी या उनके प्रतिनिधि को देखना चाहिये। कितने लोगों का मौखिक रूप से कहना था कि यहां न तो आने वाले नगारिकों के बैठने की व्यवस्था है अगर दो आदमी फालतू आए जाए तो वह भी इधर उधर भटकने पर मजबूर होते है और ना ही पानी पीने की व्यवस्था। यह पासपोर्ट दफ्तर है या फिर अव्यवस्थाओं का कार्यालय।
नागरिकों का मानना है कि यहां के अफसरों की लापरवाही और अव्यवस्थाओं से मन खटटा हुआ है इसके लिये दोषी कौन है यह देखना सांसद या मौजूद अफसर अथवा विदेश मंत्रालय का काम है मगर जो भी अगर दफतर खुला है तो पासपोर्ट भी बनने चाहिये नहीं तो उपलब्धि के नाम पर जाना के लिये परेशानी का कारण बना यह विभाग किस काम।

इसे भी पढ़िए :  Simmba के नए गाने 'तेरे बिन..' में नजर आया रणवीर सिंह और सारा अली खान का Romance

– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

2 × one =