गो कटान रोकने के लिये सरकार करे कुछ ऐसा

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गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगेे। माता की सेवा और खानपान की पूर्ण व्यवस्था हो यह बात अब हिंदूओं के साथ साथ मुस्लिम भी करने लगे हैं। पिछले लगभग एक दशक में कई नामचीन मुस्लिम समाज के लोग व संगठनों द्वारा गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करने के साथ साथ गोमांस न खाने का संकल्प लिये जाने ओर गाय की सेवा हेतु प्रतिज्ञा किये जाने के समाचार पढने व सुनने को मिलते ही रहते है।

बीते दिनों यूपी के जिला बुलंदशहर के स्याना में गोकाटन को लेकर जो कुछ हुआ वो किसी से छुपा नहीं है। दो मानव जाने भी इस प्रकरण में गई। औश्र बड़ा बवाल हुआ। मेरठ जोन के पुलिस अफसर एडीजी प्रशांत कुमार अगर चाक चैबंद रहते हुए होशियारी न दिखाते तो बुलंदशहर के पुलिस और प्रशासन के अफसरों तथा लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम ने तो ऐसी स्थिति उत्पन्न कर दी थी जो किसी भी समय एक बड़ी हिंसा का कारण बन सकती थी। वो तो अच्छा हुआ कि एडीजी जोन प्रशांत कुमार और आईजी राम कुमार दोनों सतर्क रहे। मामला साप्रंदायिक रूप लेते रह गया। दोषी अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी यह तो सरकार ही जाने।

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मगर एक बात सोचने की हमारे लिये भी है वो यह है कि हम गाय को माता तो मानते हैं उसका दूध भी खूब पीते हैं। गोबर का उपयोग भी जलाने के लिये उपले और घर की लिपाई पुताई के लिये करते है ओर गोमूत्र भी काफी कीमती होता जा रहा है। उसके बावजूद लाभ तो सब ले ले है। लेकिन यह बडे शर्म की बात है कि सुबह शाम दूध ढ़ोहने के बाद गायों को शुद्ध सानी और पौष्टिक आहार खिलाने के बजाए हम सड़को पर उन्हे पीटने और आवारा हालात में छोड़ देते हैं जिसके भी समान में वो मुंह मारती है तो उन्हे डंडा खाना पड़ता है। आखिर जब हम गो भक्त है और गो को माता मानते हैं तो हम उसकी देखभाल का जिम्मा क्यों नहीं लेते ऐसी नौबत क्यो आने देते हैं कि किसी को भी गौ कटान करने का मौका प्राप्त हों।

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मुझे लगता है कि आये दिन गो कटान को लेकर होने वाले बवाल से छुटकारा पाने के लिये सरकार को समय समय पर होने वाले हंगामे को रोकने और इससे होने वाली समय तथा धन की बर्बादी समाप्ती हेतु गाय पालने वाले की गली और मोहल्ले के हिसाब से एक सूची तैयार करा लेनी चाहिये ओर इनसे शपथ पत्र भरवाए जाए कि वो अपनी गायों को सड़कों पर आवारा तरीके से घुमाने के लिए छोड़ देंगे और न ही बुढ़ी होने पर उन्हे किसी के बेचेंगे। जब गोबर ओर मूत्र बेचकर माल कमा रहे है। तो इसकी देखभाल इन्हे ही करनी चाहिये।

अगर कोई गोपालक या दुधिया अपनी गाय सडक पर छोड़ता है और वो पकड़ी जाती है तो उन्हे जब्त कर समाजसेवियों तथा धार्मिक संगठनों तथा यूपी के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा संचालित गोशाला में भेज दिया जाना चाहिये जब गाय सड़को पर घूमेंगी नहीं तो उनकी देखभाल की उचित व्यवस्था होगी और उन्हे और उनके वंश को बेचा नही ंजाएगा तो गोकटान की समस्या का समाधान भी खुद ही हो जाएगा।
मेरा मानना है कि दसवी पास भोजीपुरा के गांव घंघोरा जिला बरेली के रहने वाले मौहम्मद जाहिद हुसैन युवा जो पिछले काफी समय से सेवाभाव से पीएफए मेनका गांधी के संगठन से जुड़कर चैबारी स्थित गोशाला में अपने दोस्त धीरज के साथ गोसेवा में लगा हुआ है। अन्यों को आगे बढ़कर ऐसा काम करने की प्रेरणा देने के लिये सरकार को ऐसे लोगों का प्रचार प्रसार करना चाहिये और इन्हे समय समय पर सम्मानित भी किया जाए तो समय अनुसार ठीक रहेगा।

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– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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