स्कूली किताबों के प्रकाशन पर ढाई करोड़ रूपये जमानत राशि लगाना सही: होईकोर्ट

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लखनऊ 07 दिसम्बर। प्रदेश सरकार की ओर से स्कूली किताबों के प्रकाशन में प्रकाशक कंपनी पर 2.55 करोड़ रूपये की जमानत राशि तय किए जाने को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उचित कहा है। साथ ही इस संबंध में दाखिल याचिका खारिज कर दी है।

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याचिकार्ता कंपनी उपकार प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स का कहना था कि सरकार ने कक्षा एक से आठ के लिए हिंदी, उर्दू और इंग्लिश मीडियम में बेसिक शिक्षा की राष्ट्रीयकृत पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन का टेंडर निकाला है।

इसमें शर्त रखी है कि आवेदक 2 करोड़ 55 लाख 500 रूपये जमानत राशि जमा करवाएं। याची के अनुसार इतनी बड़ी रकम की शर्त लगाना मनमानी है।

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