डराने या पैनिक फैलाने के बजाए वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिये किया जाए इसका उपयोग

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air pollution
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बढ़ते वायु प्रदूषण (स्माॅग) में कोई एक व्यक्ति नहीं समाज का हर व्यक्ति चाहे बच्चा हो या बड़ा महिला हो या पुरूष गरीब हो या अमीर अपने अपने तरीके से कम या ज्यादा सभी पीड़ित हैं। इसके लिये जिम्मेदार कारण की समाप्ति के हेतु सरकार और आम आदमी विभिन्न विभिन्न तरीकों से भरपूर प्रयास कर रहा है मगर अपने यहां लालच क्योंकि थोड़ा या ज्यादा सभी पर कहे या अनकहे रूप से हावी रहता है इसलिये वायु प्रदूशण कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। क्योंकि हम इसे रोकने के उपाय पेड़ पौधे पानी और पहाड़ का अपने हित में दोहन जरूरत से ज्यादा कर रहे हैं। और यह बात प्रदूषण को रोकने के लिये अलख जगाने वाले उस वक्त भूल जाते हैं जब उनहे लकड़ी या अन्य वस्तुओं की आवश्यकता होती है।
सरकार पुराली जलाने से रोकने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है उसका कहना है कि इससे प्रदूषण बढ़ रहा है। हो सकता है यह सही हो लेकिन जब से पैदा हुआ तब से ही खेतों में पुराल जलते देखता चला आ रहे हूं उसके पास बैठकर हाथ भी तापते थे मगर कोई परेशानी ऐसी महसूस कभी नहीं हुई मगर क्योंकि ग्रामीण कहावत समर्थ को ना दोष गुंसाई वाली किदवंती को अगर ध्यान से देखे तो शहरों, गांव व कस्बों में जो टायर व प्लास्टिक की पन्नी के ढेरों को खुले में जलाया जाता है। प्रदूषण के लिये असली जिम्मेदार वो तथा चारो तरफ भयंकर जहरीला धुंआ छोडते वाहन है मगर उनके खिलाफ कार्रवाई कर प्रदूषण को रोकने के लिये जिम्मेदार आरटीओ विभाग और गली मोहल्लों में जलने वाले टायरों को रोकने के लिये जिम्मेदार पुलिस अपना काम करने को तैयार नहीं हैं। मुझे लगता है कि इसलिये प्रदूषण ज्यादा बड़ रहा है।
प्रदूषण को लेकर हो रही परेशानी और चल रही चर्चाओं के बीच कुरीन सिस्टम सह संस्थापक पवनीत सिंह पुरी की कंपनी को पिछले दिनों दुनिया के सबसे लंबे और सबसे मजबूत प्यूरीफायर के लिये पेटेंट मिला है उनका कहना है कि 40 फिट लंबा ऐसा प्यूरीफायर स्माॅग टावर स्टार्टअप कंपनी द्वारा बनाया गया है जो तीन किलो मीटर के दायरे में रह रहे 75 हजार लोगों को स्वच्छ हवा दे सकता है।
मेरा मानना है कि हमारी केंद्र व प्रदेश की सरकारों को इस सिस्टम की पूर्ण जानकारी और परिणाम के बारे में पूरा विवरण प्राप्त कर अगर यह बात सही है तो इस पद्धति को बढ़ावा देते हुए खुद ऐसे स्टार्टअप या तो खुद बनाने चाहिये या जिस कंपनी ने यह विकसित कियाहै उसी से संपर्क कर जहां जहां प्रदूषण की ज्यादा समस्याएं हैं उन जिलों और कस्बों तथा प्रदेशों के मुख्यालयों पर 1 लाख की आबादी पर ऐसे स्टार्टअप लगवाने चाहिये जिससे प्रदूषण को रोकने के लिये जो पैसा खर्च हो रहा है उसकी फिजुलखर्ची रूके और वायु प्रदूषण से भी राहत मिलें।
कुरीन सिस्टम्स के सह संस्थापक पवनीत सिंह पुरी के अनुसार कंपनी को हाल ही में ‘‘दुनिया के सबसे लंबे सबसे मजबूत प्यूरीफायर’ पेटेंट मिला है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन ने हाल ही में इसके बारे में जानकारी दी थी। राष्ट्रीय राजधानी की आबोहवा को ध्यान में रखकर बनाया गया अपनी तरह का अनोखा प्यूरीफायर तीन किलोमीटर के दायरे में रह रहे 75,000 लोगों को स्वच्छ वायु दे सकता है। विश्व स्वास्थ संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया के दस सबसे प्रदूषित शहरों में से छह शहर भारत के हैं जिसमें दिल्ली इस सूची में सबसे ऊपर है।
ग्रीन पीस की पिछले साल प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वायु प्रदूषण के कारण हर साल 12 लाख लोगों की मौत होती है। कुरीन द्वारा इस प्यूरीफायर को ‘‘सिटी क्लिनर’ का नाम दिया गया है। इसकी लंबाई 40 फुट है। इसके निर्माताओं का कहना कि इसमें प्रति दिन 3.2 करोड़ क्यूबिक मीटर की हवा को स्वच्छ करने की क्षमता है। यह अपने चारों ओर की हवा खींचेगा तथा यह प्रत्येक घंटे 1,300,000 क्यूबिक मीटर हवा साफ करेगा। प्यूरीफायर की अनुमानित कीमत प्रति टावर 1.75 करोड़ से दो करोड़ के बीच हो सकती है। पुरी का कहना है कि हमने मूल तकनीक का इस्तेमाल कर छह फुट लंबा मॉडल बनाया और पाया कि यह अच्छा काम कर रहा है। अच्छी तरह भरोसा होने पर हमने आनंद विहार और गाजियाबाद के अस्पतालों, पशु अस्पतालों, वाणिज्यिक दुकानों और लोगों को इसके नमूने दिए ताकि विषम स्थितियों में हमारे यंत्र के काम करने की जांच की जा सके।
मेरा मानना है कि सरकारों व शासन व जिला प्रशासन के अफसरों को प्रदूषण के नाम पर विकास कार्य रोकने के लिये मशक्कत करने की बजाए यह जो स्टार्टअप विकससित हुआ है इसका फायदा उठाने की ओर ज्यादा ध्यान देना चाहिये दूसरी ओर मुझे लगता है कि प्रदूषण के नाम पर हम नागरिकों को अनकहे रूप में डराना और पैनिक फैलाना समाज में बंद करें । और जहां भी हो सके ऐसी व्यवस्था में सहयोग करे जो अगर कहीं आवश्यकता से अधिक प्रदूषण है तो उसे कैसे रोका जा सकता है।

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– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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