भारत ही नहीं दुनिया भर के देशों में भी मनायी जाती है दिपावली दीपक के प्रयासों से आशा को मिली छत ओर खुशिया

5
loading...

अपने देश के गांव गली मोहल्लों में आज दीपावली का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर नागरिकों ने अपने घरों की लिपाई पुताई व रंग आदि कराने के साथ साथ कहीं रंगोली तो कहीं फूलों तो कितने ही स्थानों पर बिजली की झालरों से रोशनी की गई जिससे चारो ओर झिलमिल रोशनी और दीयों का प्रकाश आज नजर आएगा।
इसके साथ ही अपनी व्यवस्थाओं के अनुसार खिल खिलौनों, लक्ष्मीगणेश की मुर्तियां मिठाई ओर उपहार भी धनतेरस ओर छोटी दिवाली पर खूब बिके आज भी इनकी खरीदारी होती नजर आयी। जिसकी जितनी हसीयत उसने अपने व अपने परिवार सहित परिचितों को खुश करने के लिये अलग अलग तरीके के उपहार खरीदे तो घरों के लिये कलेंडर और कैंडल भी खरीदे गए।
दुनियाभर में रहने वाले भारतवंशी भी अपने अपने हिसाब से दीपावली का त्यौहार धूमधाम से मना रहे हैं। यहां प्रदूषण से युक्त पटाखे तो नहीं छुड़ाए जाते लेकिन सब जगह रिवाज के अनुसार सरसों के तेल के दीये जलाने और बिजली की झालरों की सजावट करने के साथ ही मंदिरों में पूजा अर्चना की जा रही है तो कई स्थानों पर सारे लोग एकत्रित होकर मंदिरों में एक साथ पूजा करने में लगे हुए हैं।
इनके साथ साथ विदेशी भी पूरे मनोयोग से दीपावली का त्यौहार मनाते हैं यहां त्यौहार आतिशबाजी का नहीं तन-मन-धन की स्मृद्धि और एक दूसरे को खुशियां बांटने आदि का है। ब्रिटेन में लक्ष्मी मंदिर में धूप दीपक जलाकर और मिठाई बांटकर दिपावली की शुरूआत होती है और एक दूसरे को मिठाई बांटते हैं तथा बिना शोर वाले पटाखे एकत्रित होकर चलाते हैं। कनाड़ा में शहर के बाहर सामुदायिक रूप से कम प्रदूषण फैलाए जाने वाले कम खर्च की आतिशबाजी चलाई जाती है तथा मिलकर नृत्य गान और रात्रि भोज आदि के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
नेपाल में पांच दिन चलता है दीपोत्सव। पहले दिन गाय को चावल, दूसरे दिन कुत्तों को पकवान खिलाने, तीसरे दिन लक्ष्मीपूजन, चैथे दिन यम पूजा होती जबकि पांचवे दिन भैया दूज मनाया जाता है। गुआना में रंगोली बनाने तथा रंगबिरंगी लाईटों से घर सजाने के साथ ही दीये जलाते है लोग नए कपड़े पहनकर लक्ष्मी गणेश की पूजा करने और लडडू का भोग लगाते हैं। तथा आपस में प्यार बढ़ाने के लिये एक दूसरे को तोहफे देने के साथ साथ मिठाई वितरित करते हैं।
आॅस्टेªलिया के मेलबर्न के फेडरेशन स्क्वायर पर इस दिन रात को आतिशबाजी का नजारा देखने लायक होता है। क्योंकि आकाश में रंग बिगरंगी रोशनी बिखरने वाले पटाखे छोड़े जाते है जो वायु ध्वनि प्रदूषण नहीं फैलाते। भारतीय समुदाय के लोग एकत्रित होकर नाचने गाने के साथ ही उपहार भेंट करते हैं। तो पाकिस्तान में यह पर्व जश्न के साथ निवेश को पर्व के रूप में मनाया जाता है। यहां सिर्फ हिंदू नहीं बल्कि अन्य समुदाय के लोग सोने, चांदी व प्रोपर्टी आदि की खरीदारी को शुभ मानते है।ं शेयर बाजार में निवेश करते है। घरों व मंदिरों को दियो से सजाते है और परम्परागत रूप से पटाखे जलाते हैं।
कहने का मतलब सिर्फ यह है कि भारत देश ही नहीं बल्कि दुनिया के हर देश में दिपावली पर्व मनाया जाता है तथा अमेरिका में तो यह त्यौहार उल्लास के साथ मनाया जाता है पिछली बार तो शायद दिपावली पर्व पर आवकाश भी घोषित हुआ था। कुल मिलाकर रोशनी व प्रकाश का यह पर्व सभी को प्रभावित व उत्साहित करता है यह बात पक्की है।
लेकिन असली खुशी तो दूसरों को सुख प्रदान करने में मिलती हैं। बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र गांव भरैरा निवासी ऋषिपाल सिंह की बीमारी के चलते निधन हो गया था पिछे रह गई पत्नी व दो बेटियों पर उस समय गमों का पहाड़ टूटा जब घर की छत भी गिर गई। गांव वालों ने इस परेशानी को समझा। परिणाम स्वरूप भाकियू नेता दीपक तोमर ने आशादेवी के घर की छत डलवाने का बिड़ा उठाया और अन्य सहयोगियों ललित कुमार, नकुल, नरेंद्र सिंह, संदीप, संजीव, भोले, आदि ने शुरूआत की। परिणाम स्वरूप एक लाख रूपए एकत्रित हुआ। और गरीब महिला व उसकी बेटी के सिर पर छत की व्यवस्था छोटी दिपावली के दिन लेंटर डलने से हो गई। आशा देवी और उसकी बेटियों ने गांव वालों का आभार जताया। लेकिन वो कितना खुश होगी और कितने उत्साह से दिपावली मनाएगी यह कोई मानवीय संवेदनाओं से युक्त व्यक्ति या जिन लोगों ने छत डलवाई यह तो वही जान सकते हैं।
मैं तो सही मायनों में यह कह सकता हूं कि दीपावली का असली पर्व भाकियू नेता दीपक और अन्यों के द्वारा मनाया गया और त्यौहार की सही खुशी आशा देवी और उसकी बेटियों ने महसूस की होगी। क्योंकि ज्यादातर साधन संपन्न और पैसे वालों का तो यह शोक है मगर गरीब के लिये तो दीपावली का हर त्यौहार किसी न किसी रूप में प्राप्त मिष्ठान खाने को मिलने की ख्ुाशियों से भरा उत्सव ही कहा जा सकता है।
मैं स्वयं और अपने परिवार तथा सहयोगियों के साथ दीपावली के इस पावन पर्व पर सभी को अपनी बधाई और शुभकामनाए देते हुए यह आग्रह करता हूं कि दीपावली का उत्सव अपूर्व उत्साह और उल्लास से मनाए, लेकिन साथ ही आपका पड़ोसी और जरूरतमंद साधन विहीन व्यक्ति भी कोई कमी महसूस न करें इसलिये अपनी सामर्थ और इच्छा अनुसार जरूरतमंदों के यहां मिठाई पैसे और खाने के सामान को बिजवाकर उसे भी अपनी खुशी में शामिल करें आपको आत्मिक शांति और सुख तो मिलेगा ही मां लक्ष्मी और प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी के आशिर्वाद से आपके यहां खुशी का वास हमेशा होता रहेगा।

इसे भी पढ़िए :  ‘‘जाको राखे सांईयां मार सके ना कोई’’ रेल की पटरी में बच्ची, 22 डिब्बे गुजर गए ऊपर से

 

– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

20 + three =