छुट्टियों को बच्चों के लिए यादगार बनाने के 5 सुपर बेस्ट तरीके

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छुट्टियों में वो हर दिन कुछ नया सीख पाते हैं और अपने परिवार के और कोल्ज़ आ पाते हैं. ठीक इसी तरह माता-पिता के लिए भी ये समय बच्चों को अच्छी तरह समझने का होता है. इसीलिए जरूरी है कि गर्मियों की इन छुट्टियों को बरबाद करने के बजाय कुछ ऐसा किया जाए जिससे ये समय बच्चों के लिए यादगार बन पाए. यहां जानें 5 Super Best तरीकों के बारे में जिससे ये Vocation हमेशा के लिए Memorable बन जाएंगे.

1. पुराने समय को जिंदा करें
पेरेंट्स अपनी बचपन की यादों को बच्चों से Share करें. आपकी इन बातों को जान बच्चे भी इससे खुद को जोड़कर देख पाएंगे. गर्मी की छुट्टियों का मतलब सिर्फ Hours TV देखना, Mobile पर बिज़ी रहना और बे सिरपैर की बातों में समय खपाना नहीं होता. इस समय में बच्चों से जितना बात कर पाएं उतना अच्छा. अपना बचपन, स्कूल, मस्ती, दोस्त, exam का समय का Experience और खेल जैसी तमाम चीज़ों के बारे बात करें.

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2. खेलों से लगाव
हम सभी 24 घंटे सातों दिन ऐसी में रहने के आदि हो गए हैं लेकिन जरा याद कीजिए हम सभी ऐसे स्कूलों में पढ़कर बड़े हुए हैं जहां एयरकंडीशनर जैसी कोई सुविधा नहीं हुआ करती थी, इसके बावजूद हमारी इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) आज के बच्चों की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत हुआ करती थी. कोई भी व्यक्ति भरी गर्म दुपहरी में अपने बच्चे को घर से बाहर Park में खेलने नहीं भेजना चाहेगा, लेकिन अगर आपका बच्चा केवल Indoor activities में ही व्यस्त रहेगा तो इस बात की आशंका रहेगी की वह समाज में घुल मिल न पाए.

3. प्रकृति की गोद
बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाया जाए और उन्हें प्रकृति के साथ रिश्ता बनाने में मदद की जाए. तकनीकी बाधाओं से दूर किसी नेचर कैम्प में बिताया गया एक हफ्ता बच्चों के मन में प्रकृति मां के लिए प्रेम का बीज बोने में बड़ी प्रेरणा का काम करेगा और उन्हें संतुलित व अच्छी जिंदगी जीने के लिए प्रकृति तथा पर्यावरण के महत्व को समझने का मौका भी देगा. नेचर कैम्प के अन्य फायदों में शामिल हैं. आराम करने, बांटने, खोजने और प्रकृति के बारे में ढेर सारी अद्भुत बातें सीखने के लिए मिलने वाला ढेर सारा समयए Nature Photography, बर्ड वॉचिंग और Eco Friendly माहौल का आनंद लेना. Parents यही समय है अपने बच्चे को प्रकृति के करीब लाने का.

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4. पढ़ने का आनंद
किताबों से अच्छा और सच्चा दोस्त और कोई नहीं होता. बच्चों में कम होती पढ़ने की आदत दुनिया भर में चिंता का विषय है. पढ़ने की आदत बच्चे की शिक्षा में केंद्र बिंदु की तरह होती है और यह बच्चे को स्कूल के बाद की जिंदगी के लिए तैयार होने का अवसर देती है. यह बच्चों को भावनात्मक तौर पर, सामाजिक तौर पर, बुद्धिमता के स्तर पर और सांस्कृतिक स्तर पर विकसित होने में मदद करती है.

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5. दिमाग को तैयार करें
अगर आपका बच्चा 3-5 साल की उम्र का है, तो आपके पास करने को बहुत कुछ है. इन प्यारे, नन्हें बदमाशों को किसी चीज में व्यस्त करना एक कठिन काम है.ऐसे में Play Sets बच्चों को प्रोग्रामिंग की दुनिया में कल्पनाशीलता और खोज के लिए प्रोत्साहित करते हैं और जेंडर-न्यूट्रल खेल उपलब्ध करवाते हैं जो बच्चे की रचनात्मकताए समीक्षात्मक विचार क्षमताएं अंतरिक्ष संबंधी जागरूकता और कम्युनिकेशन स्किल में इजाफा करते हैं.

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