काम के आधार पर अफसरों का प्रमोशन, डिमोशन व नियुक्ति की बनाये नीति

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केन्द्र व प्रदेश की सरकारें जनहित में समस्याओं के तुरंत समाधान हेतु

अधिकारियों के मासिक परफोर्मेस के आधार पर तैयार होगा उनका रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। उक्त निर्देश राजस्थान उद्योग आयुक्त डाॅ. सुमित शर्मा द्वारा जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधको के साथ की विडीयों कांफे्रसिंग में दिये गये गया। बीते मंगलवार 23 अक्टूबर को उन्होने कहा की अधिकारी अपना माइडंसेट करते हुए कार्यो का निष्पादन करे और अगर कही कोई बांधा आती है तो उसका समाधान निकाल उसे दूर किया जाये तथा उपलब्ध संसाधनांे का अधिकतम उपयोग करते हुए समयबद्ध कार्यो का सम्पादन करे और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए स्थानीय प्रसाशन से भी समन्यवय बनाकर काम किया जाये।
मेरा मानना है की अगर अधिकारियों का काम के आधार पर आंकलन हो तो पूरे देश में मौजूद अनेक समस्याओं के साथ साथ आर्थिक परेशानी तथा गरीब की कठिनाई भी दूर हो सकती है केन्द्र व प्रदेश सरकारो को ऐसा ही एक आदेश जारी कर नौकरशाहो को स्पष्ट निर्देश दिये जाये की उनके तीन महिने 6 महिने और 1 साल के कार्य के आधार पर उनका प्रमोशन, डिमोशन ओर नियुक्तियां कहा की जाये यह तय किया जायेगा तथा अधिकारी चाहे सरकारी बाबु हो कलेक्टर या कमिश्नर डीजी हो या एसएसपी हर स्तर के सभी विभागों के अफसरों को यह भी समझाया जाये की वो अपने कार्यालयों में इस हिसाब से कैमरे लगाये जाये जिसमें फरियादी और अफसर दोनो के चेहरे साफ नजर आये और ऐसा इसलिए किया जाये जिससे यह पता चल सकते की अफसर अपने दफ्तर में मुंह बिगाड़े या सुझाये ऐसी मुद्रा में तो नही बैठा है और आने वालों से बात कर रहा है जिसे देखकर फरियादी डर के मारे अपनी बात ही ना कह पाये।
अगर केन्द्र व प्रदेश की सरकारे अपने हर स्तर के नौकरों को थोड़ी सी व्यवारिकता और आने वाले के प्रति नम्रता दिखाने तथा उसका हो सकने वाला काम टालने की बजाय अगर तुरंत निस्तारण करने की नीति पर चले तो सरकारो की तमाम समस्याएं तो खत्म होगी ही जिस पार्टी की सरकार है उसकी शाख भी जनता में बनेगी तथा बार बार शिकायत लेकर आने से जो जनधन ओर पेट्रोल आदि तथा समय खराब होता है वो भी बचेगा तथा अधिकारी समय से समाधान निकालकर अन्य विकास कार्यो में भी ध्यान लगा सकेगा।
इसके लिए यह अत्यंत जरूरी है की उन कुछ अधिकारियों को यह समझाया जाये की वो सरकारी दफ्तर में बैठकर जो काम रहे है वो किसी पर कोई अहसान नही कर रहे है उसका उन्हे पैसा ओर सुविधा तथा सम्मान तीनों ही मिल रहे है। इसलिए जिस प्रकार एक अच्छा व्यापारी अपने ग्राहक को संतुष्ट करने में भले ही वो समान ले या ना ले मे सफल रहता है उसी प्रकार सरकारी अफसरो को भी अब शासन सरकार और जनता के हित में इस प्रकार के निर्णय लेने ही होगे।
अगर अकड़कर दोहरे होने वाले अपने मिया मिठू बनने में लगे अफसरों की व्यवस्थाओं में सुधार नही हुआ तो सरकार किसी की भी रहे समस्याएं कम होने की बजाय बढ़ती ही रहेगी।
वर्तमान समय में उपप्रमुख सचिव यूपी मुकेश मेश्रराम राम का कहना था की अगर हम डाॅग की भांति अपना चेहरा सुजाये बैठेगे तो आने वाला अपनी बात नही कह पायेगा और इससे जो रोष उसके मन में उत्पन्न होगा वो कई कठिनाईयां शासन प्रसाशन और सरकार के समक्ष जब मौका लगेगा उत्पन्न करता रहेगा इसी प्रकार उप्र के पूर्व डीजीपी और वर्तमान में एससी एसटी एक्ट के यूपी चेयरमेन श्री ब्रजलाल जब एसएसपी हुआ करते थे तो वो अपने सहयोगियों से स्पष्ट कहते थे की छोटी से छोटी शिकायत और सूचना का संज्ञान लेने से एक तो कभी कभी बड़ी बड़ी घटनाएं खुलजाती है दूसरे जनता मे आपका विश्वास पैदा होता है जो समय पड़ने पर पुलिस और प्रसाशन के अफसरों की मद्द करने के लिए नागरिकों को प्रेरित करता है। इसके उदाहरण के रूप में वर्तमान में भारत सरकार के कृषि सचिव श्री संजय अग्रवाल की कार्यप्रणाली को देखा जा सकता है वो जहां भी रहते है वहां उनके सहयोगी और मिलने आने वाले सभी तो खुश रहते है हर राजनैतिक दल का मुखिया उन्हे पसंद करता है तथा उनकी मिलनसारिता और व्यावहारिता का यह आलम है की जब वो यूपी के मेरठ शहर में कलेक्टर थे तो जबभी कोई समस्या उत्पन्न हुआ तो उसकी जानकारी पुलिस से पहले उन्हे मिल जाती थी और समस्याओं के समाधान का हाल यह था की हर क्षेत्र की जनता खुद सरकारी अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर परेशानी का समाधान ढंुढ लेते थे उनकी कार्यप्रणाली के चलते उनकी लोकप्रियता का अंदाज इससे लगाया जा सकता है की जब उनका स्थानातंरण हुआ तो उन्हे बिदाई गुलदस्ते देने के लिए आधा किलोमीटर लम्बी लाईन लगी और जब वो लखनऊ जा रहे थे जो सिटी स्टेशन पर सिर ही सिर दिखाई दे रहे थे इतनी भीड़ जमा थी जब संजय अग्रवाल ऐसा कर सकते है तो अन्य अफसर क्यो नही।

– रवि कुमार बिश्नोई
संस्थापक – आॅल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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