पृथ्वीराज चैहान ही नहीं सभी महापुरूषों के बारे में भावी पीढ़ी को दी जाए

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पृथ्वीराज चैहान और मौहम्मद गौरी के बीच कितनी बार युद्ध हुआ और कब कब कौन कौन जीता यह विषय हमेशा ही चर्चाओं का रहा है। लेकिन अब शायद इसका खुलासा जल्द हो जाए। क्योंकि राजस्थान के वृद्ध और जागरूक लोगों द्वारा इतिहास का हवाला देते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री और पूर्व डीजीपी श्री सत्यपाल सिंह से इस संदर्भ में आग्रह किया गया है कि वो मौहम्मद गौरी के इतिहास का खुलासा कराए।

नागरिकों का कहना है कि पृथ्वीराज और मौहम्मद गौरी के बीच दो बार नहीं बल्कि 17 बार युद्ध हुआ जिनमे से 16 बार पृथ्वीराज को विजयी मिली और उन्होंने मौहम्मद गौरी को छोड़ दिया। लेकिन 17वीं बार में मौहम्मद गौरी जीते और उसने पृथ्वीराज को बंदी बना लिया। इस संदर्भ में छपी एक खबर के अनुसार यूपी के बागपत लोकसभा क्षेत्र से सांसद केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डा. सत्यपाल सिंह ने कहा कि पृथ्वीराज चैहान तथा मुहम्मद गौरी के बीच हुए युद्धों को लेकर इतिहास में जो कुछ पढ़ाया जा रहा है, उससे राजस्थान के लोग सहमत नहीं हैं। अजमेर के कई जिम्मेदार लोगों ने उन्हें बताया कि सम्राट पृथ्वीराज चैहान व मोहम्मद गौरी के बीच दो युद्धों का हवाला इतिहास में दिया जाता है, जबकि सच यह है कि सम्राट पृथ्वीराज चैहान और मुहम्मद गौरी के बीच 17 बार युद्ध हुए।
मुहम्मद गौरी को 16 बार पृथ्वीराज चैहान से पराजित होना पड़ा। सम्राट पृथ्वीराज चैहान ने हर बार गौरी को पराजित कर छोड़ दिया, लेकिन 17वीं बार में सम्राट पृथ्वीराज चैहान मौहम्मद गौरी से पराजित हो गए। केंद्रीय राज्यमंत्री के अनुसार अजमेर के जिम्मेदार इतिहासकारों से उन युद्धों के फैक्ट मांगे हैं, ताकि चैहान व गौरी के बीच हुए युद्धों की पड़ताल कर असलियत सामने ला सकें।

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दरअसल राजस्थान में जन चर्चाओं के अनुसार पृथ्वीराज चैहान और मुहम्मद गौरी के बीच लगभग 17 युद्ध हुए। कहीं कहीं 21 युद्धों का भी उल्लेख है, जिनमें 16 बार पृथ्वीराज ने गौरी को पराजित किया एवं छोड़ दिया। वर्तमान इतिहासकार ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर चैहान और गौरी के बीच दो युद्ध होना मानते हैं, प्रथम 1191 ईस्वी में और द्वितीय 1192 ई में। दोनों युद्ध तराइन के मैदान में लड़े गये। अधिकांश मुस्लिम इतिहासकार तो केवल एक ही युद्ध का होना मानते हैं, जिसमें गौरी जीत गया। पूर्व में इतिहासकारों ने हमे क्या जानकारी दी इस विषय के विवाद में न पड़कर हम भावी पीढ़ी को क्या जानकारी दे रहे हैं और उन्हे किस राह पर ले जाना है इस बात को दृष्टिगत रख कर महापुरूषों के बारे में उन्हे सही जानकारी उपलब्ध करायी जानी चाहिये।

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मानव संसाधन राज्यमंत्री सतपाल सिंह जी से आग्रह है कि भले ही इस पर कुछ खर्च आए मगर पृथ्वीराज चैहान या अन्य महापुरूषों के बारे में चाहे वो किसी भी धर्म या वर्ग के क्यों न यह हों उनसे संबंध समस्त जानकारियां तथ्य पर आधार के जुटाकर उनसे नौजवान और बच्चों को अवगत कराया जाना चाहिये। जिससे वो अपने आदर्शाें के अनुकुल समझे जाने वाले महापुरूषों के प्रेरणास्त्रोत के मार्ग को अपनाकर अपने भविष्य की रूप रेखा तय कर सकें।

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-निवेदक
रवि कुमार बिश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष
आॅल इंडिया न्यूज पेपस एसोसिएशन आईना

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