सरकार में मंत्री बनाने की अनूठी पहल को इराक की!

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मैं यह तो नहीं कहता कि हम इराक के नक्शे कदम पर चलें। लेकिन हमेशा हमे यह बताया जाता रहा है कि अच्छी बात और आदर्श शिक्षा पर कार्ये अगर कोई भी करता है तो उसे अपनाने में कहीं कोई बुराई नहीं है। अच्छा सबसे लेते रहो। बुरे काम से तोबा करते रहों कि कार्यनीति को अपनाते हुए हमारे देश की सरकारों को भी इराक में मंत्री बनाने को लेकर जो एक अनूठी पहल शुरू की गई उस पर अगर हम भी चलने लगे तो मैं समझता हूं कि एक तो पारदर्शिता बढे़गी दूसरे कम पैसो में ज्यादा विकास कार्य होंगे। और खुशहाली तो आएगी ही बेरोजगारी भी थोड़ी या कम ज्यादा जरूर होगी। बताते चले कि इराक के नव-निर्वाचित प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी ने अपने मंत्री मंडल में इराकी नागरिकों को शामिल करने के लिए अनूठी पहल करते हुए एक वेबसाइट लाॅन्च की है। महदी ने इराक के आम लोगों को आमंत्रित करते हुए कहा है कि जिन लोगों के पास काम करने का अनुभव और कौशल हो, वह नई सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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बीबीसी की एक न्यूज के मुताबिक इराक कैबिनेट डाॅट काॅम नामक वेबसाइट पर आवेदन की समय सीमा 9 से 11 अक्टूबर के बीच बताई गई है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि महदी ने वेबसाइट बनाने का फैसला तब लिया जब उनके पास नई सरकार में मंत्री बनने के लिए व्यक्तिगत बैठक करके आवेदन करने की दरख्वास्त आई। इराक के नए राष्ट्रपति बरहाम सालेह ने गत सप्ताह श्री महदी को नई सरकार बनाने के लिए चुना है। महदी को अगले 30 दिनों में नई सरकार का गठन करना है।इराक युद्ध और आईएस के साथ लंबे समय तक चले संघर्ष के बाद इराकियों के लिए यह सरकार एक नई सुबह जैसी है। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है और सरकार बीते कुछ सालों में अपने नागरिकों को जरूरी सुविधाएं देने में असफल रही है। इसकी वजह से कई बार इराकी लोगों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। ऐसे में इराक की नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये होगी कि वह इराकी जनता का भरोसा जीत सके। सत्तर के दशक में महदी इराक कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में शामिल होने के बाद साल 1980 तक इसके लिए काम करते रहे। इसके बाद शिया समुदाय से आने वाले महदी ने ईरान के इस्लामिक विचारों को स्वीकार कर लिया। लेकिन सद्दाम हुसैन युग के बाद वाले इराक में महदी ने कार्यकारी सरकार में उप-राष्ट्रपति का पद भी संभाला।
वहां नई सरकार बनी भले ही कुछ लोगों को अच्छा न लगे मगर उसके द्वारा जो एक साकारात्मक नीति सरकार में मंत्री बनाने की नीति आवेदन मांगने की नीति शुरू की गई मैं समझता हूं कि वो वक्त की सबसे बडी आवश्यकता है इराक में बाकी क्या हो रहा है उसको फिलहाल नजर अंदाज कर मंत्री बनाने की नीति को तुरंत अपनाना चाहिये। और इस मामले में पूरे विश्व की सरकारें भी अगर ऐसा करे तो वो सब जगह के लिये और खासकर वहां के नौजवानों को प्रोत्साहन देने के लिये एक बड़ी पहल होगी।

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-निवेदक
रवि कुमार बिश्नोई
राष्ट्रीय अध्यक्ष
आॅल इंडिया न्यूज पेपस एसोसिएशन आईना

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