पहलवानों के परिवार से आए मेरठ के तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने लिया संन्यास

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नई दिल्ली: अपने 13 साल के Cricket Career को विराम देते हुए Meerut के तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है. प्रवीण कुमार पिछले कई समय से Team India से बाहर चल रहे थे. गेंदाबाजी में पेस ज्यादा तेज ने होने के बाद भी प्रवीण कुमार ने अपनी Swing क्षमताओं की वजह से Team India में जगह बनाई और कई मौकों पर नियमित गेंदबाजों के चोटिल होने के बाद मौका मिलने पर खुद को साबित भी किया.

प्रवीण कुमार को Team India के साल 2011 के इंग्लैंड दौरे के लिए याद किया जाता है, जहां वे बेस्ट गेंदबाज रहे. उनका नाम लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड में लिखा गया है. इसके अलावा कुमार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2007-08 की सीबी सीरीज के लिए शानदार प्रदर्शन किया था जिसमें उन्होंने शानदार गेंदबाजी कर Team India को मैच जिताए थे.

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दिल से खेला, दिल से गेंदबाजी की
प्रवीण अब गेंदबाजी के कोच बनने की ख्वाहिश रखते हैं. Media Report के मुताबिक कुमार ने कहा, “मुझे कोई मलाल नहीं है. दिल से खेला, दिल से गेंदबाजी डाली, उत्तर प्रदेश में अब काफी नए बढ़िया गेंदबाज आ रहे हैं. मैं उनके करियर को प्रभावित करना नहीं चाहता. मैं खेलूंगा तो एक जगह जाएगी. अहम यह है कि आगे के लिए और दूसरे गेंदबाजों के बारे में भी सोचना चाहिए. मेरा समय पूरा हो गया है, और स्वीकार करता हूं. मैं खुश हूं और भगवान को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे मौके दिए.

कुमार ने कहा, “मैं गेंदाबजी कोच बनना चाहता हूं लोग जानते हैं कि मुझे इसका ज्ञान है. मुझे लगता है कि इस क्षेत्र में मैं दिल से काम कर सकता हूं मैं अपना अनुभव युवाओं को देना चाहता हूं.”

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Team India को ऑस्ट्रेलिया में दिलाई थी जीत
2007 में वनडे क्रिकेट करियर शुरुआत कुमार ने पाकिस्तान के खिलाफ जयपुर से की और जल्दी ही वे जहीर खान और आशीष नेहरा के साथ Team India के प्रमुख गेंदबाजों में शामिल हो गए. Commonwealth Bank ODI Series में कुमार फाइनल मैच में 46 रन देकर 4 विकेट लेते हुए Team India की जीत में खास भूमिका निभाई. कुमार ने केवल छह टेस्ट मैच खेले जिनमें उन्होंने 27 विकेट लिए जिसमें लॉर्ड्स टेस्ट में पांच विकेट लेने की उपलब्धि भी हासिल है. इसके बावजूद वे डेंगू से पीड़ित होने की वजह 2011 World cup में जगह नहीं बना सके.

कुमार के नाम साल 2010 में रायल चैलेंजर बेंगलोर की तरफ से राजस्थान रायल्स के खिलाफ एक आईपीएल हैट्रिक भी है. रणजी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2008 के Final में दिल्ली के खिलाफ 68 Run देकर 8 विकेट है, जबकि इसके बावजूद उनकी Team, उत्तर प्रदेश ट्रॉफी नहीं जीत पाई थी.

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जल्दी में नहीं लिया फैसला
इसके बाद IPL में Mumbai Indians के लिए खेलने वाले कुमार ने वापसी की जिसके लिए वे रोहित शर्मा के शुक्रगुजार हैं. कुमार ने कहा, “मैंने फैसला कोई जल्दी में नहीं किया है काफी सोचने के बाद मुझे लगा कि यह सही समय है उस खेल को विदा देने का जिसने मुझे इतना कुछ दिया. मैं अपने परिवार, BCCI UPCA, और राजीव शुक्ला सर का धन्यवाद कहना चाहुंगा जिन्होंने मुझे अपने सपने पूरे करने के मौके दिए.”

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