आधी रात को जेल से हुई भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण की रिहाई, BJP के खिलाफ खोला मोर्चा

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सहारनपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासूका) के तहत जेल में सजा काट रहे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को राज्य सरकार ने बीती रात को रिहा कर दिया। बता दें कि मई 2017 में रावण पर सहारनपुर में जातीय हिंसा फैलाने के आरोप लगे थे, जिसके बाद रासूका के तहत उन्हें जेल भेजा गया। हालांकि, सजा पूरी होने से 2 महीने पहले ही रावण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश से रिहा कर दिया गया।

जिस वक्त रावण को रिहा किया गया था जेल के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे और नारे-बाजी कर रहे थे। इसके तुरंत बाद ही रावण ने सीधे तौर पर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में हम बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे। रावण के समर्थकों ने जेल के बाहर नारेबाजी करते हुए कहा कि हमारे समाज के लिए बहुत गर्व की बात है कि आज चंद्रशेखर की रिहाई हो गई है और हम बहुत ही खुशी के साथ कहना चाहते है कि यह संविधान की जीत है, बाबा साहेब की जीत है।

जेल से निकलते ही रावण ने भड़काऊ भाषण देते हुए कहा कि जो भी बहुजन समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ करेगा उसके साथ बकरे जैसा बर्ताव किया जाएगा। जिनको हमारा सम्मान पचा नहीं उन लोगों ने एक अच्छी नीति बना कर हमको बंद करा दिया, उनको लगा हमारा हौसला टूट जाएगा। लेकिन, अब देखना रावण का असली रूप। चंद्रशेखर ने आगे कहा कि अब मेरे पास एक लक्ष्य है निकम्मी सरकार को हम उखाड़ फेकेंगे। हम किसी भी जाति के खिलाफ नहीं हैं, हम लोकतंत्र में जी रहे हैं इसलिए हम अपना अपमान भी बर्दास्त नहीं करेंगे।

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रावण ने कहा ये देश हमारा है और हमसे कोई हमारी पहचान पूछेगा ऐसा वक्ता नहीं आया। लोकतंत्र अभी जिंदा है। जेल से निकलते ही रावण ने कहा कि हमारा जब तक सम्मान नहीं होना चाहिए जब तक बीजेपी को सत्ता से उखाड़ न फेंके। 2 महीने पहले योगी सरकार द्वारा रासुका हटाए जाने के बाद रावण ने कहा कि सरकार दोहरी प्रवत्ति अपनाती है। पहले सुप्रीम कोर्ट जाकर हमारा अधिकार छीनते हैं और फिर वापस बहाल करते हैं। रावण ने कहा कि भीम आर्मी बहुजन समाज है और एक राजनैतिक संगठन है। हम अपने समाज के लिए पूरा काम करेंगे और हम राजनीति में कदम नहीं रखेंगे।

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